मध्य प्रदेश

विकासखंड स्तरीय ग्रामोत्सव कार्यक्रम संपन्न, ग्रामोदय से अभ्युदय का दिया संदेश

सालीचौका-चीचली में विकासखंड स्तरीय ग्रामोत्सव कार्यक्रम संपन्न, ग्रामोदय से अभ्युदय व स्वदेशी संकल्प का दिया संदेश, उत्कृष्ट कार्य करने वाले सम्मानित।

संवाददाता अवधेश चौकसे

चीचली, नरसिंहपुर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर “ग्रामोदय से अभ्युदय एवं स्वदेशी संकल्प” कार्यक्रम के अंतर्गत मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा विवेकानंद जयंती पखवाड़ा के तहत विकासखंड स्तरीय ग्रामोत्सव कार्यक्रम का आयोजन जनपद सभा कक्ष, चीचली में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मुकेश मरैया ने सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वावलंबन, स्वदेशी, नागरिक सेवा, शिक्षा एवं संस्कार तथा नशा मुक्त समाज जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

सामाजिक चेतना और राष्ट्रनिर्माण पर केंद्रित रहा कार्यक्रम

यह आयोजन सामाजिक चेतना के प्रसार, राष्ट्रनिर्माण, युवाशक्ति के जागरण तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार को समर्पित रहा। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद से जुड़े कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं युवाओं की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली।

गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती राधा अहिरवार (जनपद अध्यक्ष) उपस्थित रहीं। विशेष अतिथियों में मुकेश मरैया (पूर्व जनपद अध्यक्ष), नरेश कौरव (भाजपा मंडल अध्यक्ष), के.एल. साहू (भाजपा महामंत्री), डॉ. चंद्रकांत गुप्ता (समाजसेवी), शंकर ताम्रकार (पार्षद), विकासखंड समन्वयक सुश्री स्मिता दण्डे सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इसके साथ ही नवांकुर संस्थाओं, सीएमसीएलडीपी परामर्शदाताओं, बीएसडब्ल्यू-एमएसडब्ल्यू छात्र-छात्राओं, ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के अध्यक्ष-सचिव तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम में जल संचय अभियान सहित खेल, जैविक कृषि, शिक्षा, पर्यावरण एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्र-छात्राओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

स्वदेशी भावना और ग्राम विकास पर जोर

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना, युवाओं में स्वदेशी भावना का संचार करना तथा स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्रसेवा की भावना को सुदृढ़ करना रहा।
ग्रामोदय से अभ्युदय की अवधारणा के माध्यम से गांवों के समग्र विकास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता पर विशेष बल दिया गया।

 

 

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