पति की हत्या के मामले में पत्नी को आजीवन कारावास, पिपरिया कोर्ट का बड़ा फैसला
पिपरिया कोर्ट ने पति की हत्या के मामले में पत्नी सविता बाई को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, चरित्र संदेह में की गई थी हत्या।

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
पिपरिया। पिपरिया के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार अग्रवाल की अदालत ने पति की निर्मम हत्या के मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी पत्नी सविता बाई को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए 1,000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
चरित्र संदेह में की थी पति की हत्या
यह सनसनीखेज मामला 1 मई 2023 का है। पिपरिया थाना क्षेत्र के बारीदेवी गांव में रहने वाली सविता बाई ने अपने पति के चरित्र पर शक करते हुए घर के अंदर ही लोहे के सब्बल से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी।
फरियादी ने बताई आंखों देखी घटना
मामले की फरियादी धनिया बाई ने अदालत को बताया कि घटना के समय वह पड़ोस में बैठी थीं। तभी उन्होंने अपनी सास सविता बाई को हाथ में लोहे का सब्बल लिए घर से भागते हुए देखा। जब उन्होंने पूछा तो सविता बाई ने कहा—
“मेरे पीछे मत आना, मैंने अपना काम कर दिया है।”
इसके बाद जब धनिया बाई घर पहुंचीं, तो उन्होंने अपने ससुर को पलंग पर खून से लथपथ मृत अवस्था में पाया।
17 गवाहों के बयान, मजबूत सबूतों के आधार पर फैसला
स्टेशन रोड पिपरिया पुलिस ने घटना के बाद मामला दर्ज कर जघन्य अपराध के रूप में जांच की। विवेचना पूर्ण होने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मामले में कुल 17 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों से संतुष्ट होकर न्यायालय ने सविता बाई को दोषी ठहराया।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि
इस प्रकार के जघन्य अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और दोषियों के विरुद्ध कड़ी सजा देना आवश्यक है।
विशेष लोक अभियोजक ने की प्रभावी पैरवी
इस प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक विक्रम सिंह चौधरी ने अभियोजन पक्ष की ओर से सशक्त और प्रभावी पैरवी की।







