Bhopal Police Brutality: DSP के साले इंजीनियर छात्र की पिटाई से मौत, CCTV फुटेज में कैद हुई पुलिस की बर्बरता
भोपाल में पुलिस की बर्बरता से बीटेक छात्र उदित गायिकी की मौत। DSP के साले को दो आरक्षकों ने पीट-पीटकर मारा, CCTV फुटेज से खुला पुलिस का काला चेहरा। हत्या का केस दर्ज होने की तैयारी।

Bhopal Police Brutality। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस की बर्बरता का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। पिपलानी थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी इलाके में पुलिस की बेरहम पिटाई से 22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र उदित कुमार गायिकी की मौत हो गई। मृतक बालाघाट में पदस्थ डीएसपी केतन अडलक का साला था।
इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे को हिला दिया है और राज्य में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में दोनों आरोपी आरक्षक सौरभ आर्य और संतोष बामनिया को निलंबित कर दिया गया है।
रात के अंधेरे में पुलिस की दरिंदगी: अर्धनग्न कर पीटा छात्र
घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे की बताई जा रही है। मृतक उदित गायिकी (पिता राजकुमार गायिकी, ऊर्जा विभाग में इंजीनियर) वीआईटी कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई पूरी कर चुका था और बेंगलुरु में नौकरी जॉइन करने से पहले दोस्तों के साथ पार्टी मनाने निकला था।
उदित जब अपने दोस्तों को घर छोड़ने जा रहा था, तभी पिपलानी थाना क्षेत्र में गश्त पर तैनात दो पुलिसकर्मियों ने उसकी कार रोकी। शराब मिलने के डर से उदित वहां से भाग निकला, जिसके बाद पुलिस ने उसका पीछा किया और पकड़ लिया।
गवाहों के अनुसार, दोनों आरक्षकों ने उसे सड़क पर अर्धनग्न कर बेरहमी से पीटा, और शरीर पर कई जगह गहरे चोट के निशान आए। यह पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हुई है।
₹10,000 रिश्वत के लिए ली गई जान
उदित के दोस्तों ने पुलिस से पिटाई रोकने के लिए ₹10,000 की रिश्वत देने की पेशकश की, जिसे सिपाहियों ने स्वीकार भी कर लिया। इसके बाद दोनों आरोपी उसे आनंदनगर की ओर ले गए, लेकिन रास्ते में उसकी हालत गंभीर हो गई।
कार में बैठने के कुछ ही समय बाद उदित को उल्टियां आने लगीं और वह बेहोश हो गया। दोस्तों ने तत्काल उसे एम्स भोपाल (AIIMS) पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा होगा मौत का सच
पुलिस ने पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पोस्टमार्टम पैनल बनाकर करवाया है। DCP विवेक सिंह ने कहा कि मौत का कारण हार्ट अटैक है या मारपीट, यह रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
उन्होंने कहा —
“अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों के कारण मौत की पुष्टि होती है, तो दोनों आरक्षकों के खिलाफ IPC धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।”
फिलहाल दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू हो चुकी है।
परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल – ‘दोषियों को फांसी दी जाए’
मृतक के मामा सुभाष गावंडे ने पुलिस पर घटना को छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि —
“उदित हमारा इकलौता भांजा था, जिसे पुलिस ने बेरहमी से मारा। हम चाहते हैं कि दोषियों को फांसी की सजा मिले।”
परिवार ने न्याय की मांग करते हुए कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन करेंगे।
‘Justice for Udit’ ट्रेंड में, भोपाल में बढ़ा आक्रोश
यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर #JusticeForUdit ट्रेंड कर रहा है। छात्र संगठनों और नागरिकों ने पुलिस अत्याचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
लोगों का कहना है कि पुलिस का काम जनता की सुरक्षा करना है, न कि उन्हें मौत के घाट उतारना। यह घटना पूरे राज्य के लिए “खाकी का काला चेहरा” उजागर करती है।
निलंबित पुलिसकर्मी और कार्रवाई की स्थिति
- आरोपी: आरक्षक सौरभ आर्य और संतोष बामनिया
- थाना: पिपलानी थाना, भोपाल
- स्थिति: दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया
- संभावित धाराएं: IPC 302 (हत्या), 323 (मारपीट), 342 (ग़लत तरीके से बंधक बनाना)
- जांच अधिकारी: DCP विवेक सिंह, जोन-2
CCTV फुटेज बना अहम सबूत
घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद पुलिस के लिए इसे छिपाना असंभव हो गया। वीडियो में स्पष्ट दिखाई देता है कि कैसे उदित को अर्धनग्न कर सरेआम पीटा जा रहा था। यह फुटेज अब जांच का सबसे अहम साक्ष्य बन गया है।







