Bhopal Nurse Suicide Case: नर्मदापुरम से सपने लेकर भोपाल आई मेघा यादव ने एनेस्थीसिया ओवरडोज लेकर दी जान, लिव-इन पार्टनर पर गंभीर आरोप
Bhopal Nurse Suicide Case: नर्मदापुरम से भोपाल आई नर्स मेघा यादव ने एनेस्थीसिया ओवरडोज लेकर आत्महत्या कर ली। लिव-इन पार्टनर रूपेश पर शादी का झांसा देकर धोखा देने के आरोप, पुलिस जांच जारी।

Bhopal Nurse Suicide News:
भोपाल में एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर आत्महत्या करने वाली नर्स मेघा यादव (30) की कहानी संघर्ष, सपनों और टूटे भरोसे की दर्दनाक दास्तां बन गई है। नर्मदापुरम जिले के माला खेड़ी गांव से पांच साल पहले सक्सेस की चाह में भोपाल आई मेघा अपने मजदूर पिता के लिए कुछ करना चाहती थी, लेकिन प्यार में मिले धोखे ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी।
मजदूर पिता की बेटी, मेहनत से बनी नर्स
मेघा यादव के पिता मयाराम यादव मजदूरी करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी को पढ़ाया। भोपाल आकर मेघा ने BSc नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की और जेके अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत हो गई।
परिवार के मुताबिक, मेघा पढ़ाई में होशियार थी और नौकरी लगने के बाद माता-पिता को भोपाल में अपने साथ रखने का सपना देखती थी।
कैफे में हुई मुलाकात, प्यार और लिव-इन तक पहुंचा रिश्ता
भोपाल आने के बाद मेघा का उठना-बैठना लाउंज और रेस्टोरेंट में बढ़ा। इसी दौरान उसकी पहचान कोलार इलाके में हुक्का लाउंज और कैफे संचालक रूपेश से हुई।
कैफे में हुई दोस्ती प्यार में बदली और आरोपी ने शादी का भरोसा देकर मेघा के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहना शुरू कर दिया। दोनों करीब चार साल तक साथ रहे।
शादी से इनकार और अचानक दूरी बनी वजह
परिजनों के अनुसार, करीब एक महीने पहले रूपेश ने अचानक मेघा से सभी रिश्ते तोड़ दिए।
वह कॉल उठाना बंद कर चुका था और मिलने से भी इंकार कर रहा था।
रूपेश ने कहा था—परिजन इंटरकास्ट मैरिज को राजी नहीं
मेघा के भाई राजा यादव ने बताया कि मार्च 2025 में रूपेश मेघा को लेकर गांव आया था और शादी की मंशा जाहिर की थी। परिवार ने भी मेघा की खुशी के लिए हामी भर दी थी।
लेकिन बाद में रूपेश ने कह दिया कि परिजन इंटरकास्ट शादी के लिए तैयार नहीं हैं, इसलिए वह शादी नहीं कर सकता।
धोखे से टूट गई मेघा, उठाया खौफनाक कदम
चार साल का रिश्ता टूटने और शादी से इनकार के बाद मेघा मानसिक रूप से टूट गई थी।
इसी बीच उसने एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस को उसके कमरे से इंजेक्शन और सिरिंज मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
मुंहबोला भाई बनकर अस्पताल में भर्ती कराकर फरार हुआ युवक
कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी के अनुसार,
मेघा जेके अस्पताल के पास किराए के कमरे में रहती थी। बुधवार रात एक युवक उसे अस्पताल लेकर आया और खुद को मुंहबोला भाई बताकर भर्ती कराने के बाद चला गया।
पुलिस का संदेह है कि यह युवक रूपेश ही था।
सुसाइड से पहले भांजे से की थी बात
परिजनों ने बताया कि सुसाइड से पहले मेघा ने अपने भांजे से फोन पर बात की थी और वह सामान्य लग रही थी।
बाद में रात को रूपेश ने मेघा के ही फोन से कॉल कर परिजनों को अस्पताल में भर्ती कराने की जानकारी दी।
जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो मेघा तो भर्ती मिली, लेकिन रूपेश गायब था और उसका मोबाइल बंद था।
पुलिस जांच में जुटी, पीएम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।
मेघा का मोबाइल फोन जब्त कर डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
परिजनों के बयान के आधार पर आरोपी रूपेश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मेघा परिवार की दूसरे नंबर की बेटी थी।
बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, दो छोटे भाई हैं।
बेटी की मौत के बाद मजदूर पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमॉर्टम के दौरान वे मर्चुरी के बाहर नम आंखों से बेटी के शव का इंतजार करते रहे।







