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Betul News: अधूरे हाईवे पर टोल वसूली का मुद्दा संसद में गूंजा, दिग्विजय सिंह ने गडकरी से पूछा सवाल— बोले, जनता के साथ अन्याय

Betul News: बैतूल–भोपाल NH-46 के अधूरे निर्माण के बावजूद टोल वसूली का मामला राज्यसभा में उठा, दिग्विजय सिंह ने इसे जनता के साथ अन्याय बताया।

संवाददाता शैलेंद्र गुप्ता

बैतूल।
मध्यप्रदेश के बैतूल–भोपाल नेशनल हाईवे (NH-46) पर अधूरे निर्माण के बावजूद की जा रही टोल वसूली का मामला गुरुवार को राज्यसभा में जोरशोर से उठा। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से सीधे सवाल करते हुए कहा कि अधूरी और खराब सड़कों पर टोल वसूली जनता के साथ खुला अन्याय है।

“अफसरों को फटकार के बाद भी टोल जारी”

दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे नितिन गडकरी को देश के सबसे कुशल मंत्रियों में मानते हैं, लेकिन इसके बावजूद अधूरी सड़क पर टोल वसूली समझ से परे है। उन्होंने याद दिलाया कि मंत्री स्वयं बैतूल दौरे पर सड़क की खराब स्थिति देख चुके हैं और अधिकारियों को फटकार भी लगा चुके हैं, फिर भी टोल वसूली बंद नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।

कुंडी टोल प्लाजा बना विवाद का केंद्र

यह मामला शाहपुर के पास कुंडी टोल प्लाजा से जुड़ा है। बैतूल से इटारसी तक हाईवे के कई हिस्सों में सड़क उखड़ी हुई है, गहरे गड्ढे हैं और निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इसके बावजूद वाहन चालकों से रोजाना पूरा टोल वसूला जा रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

8 साल में भी पूरा नहीं हुआ फोरलेन

करीब 995 करोड़ रुपये की लागत से बन रही बैतूल–औबेदुल्लागंज फोरलेन सड़क का काम वर्ष 2017 में शुरू हुआ था। हैरानी की बात यह है कि 8 साल बीतने के बाद भी सड़क अधूरी है। ठेका कंपनी की समय-सीमा 2023 में समाप्त हो चुकी है, फिर भी उसे तीन बार एक्सटेंशन दिया गया।

सिंगल लेन, गड्ढे और सुरक्षा के अभाव

  • बरेठा घाट क्षेत्र अब भी सिंगल लेन
  • भौंरा से इटारसी तक जगह-जगह 5–5 फीट चौड़े गड्ढे
  • स्ट्रीट लाइट, संकेतक बोर्ड और सर्विस रोड का अभाव
  • हादसों की लगातार आशंका

हाईकोर्ट में मामला लंबित, निर्माण प्रभावित

विभागीय सूत्रों के अनुसार बाघ कॉरिडोर के कारण करीब 21 किलोमीटर हिस्से में निर्माण कार्य रुका हुआ है। मामला हाईकोर्ट में लंबित होने से निर्माण प्रभावित है, लेकिन इसके बावजूद 21 मई 2025 से टोल वसूली शुरू कर दी गई, जिससे जनता में गहरा रोष है।

7 महीने से टोल वसूली, जनता में नाराजगी

अधूरी सड़क, खराब हालात और सुरक्षा के अभाव के बावजूद बीते 7 महीनों से टोल वसूली की जा रही है। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों का कहना है कि जब सुविधाएं पूरी नहीं हैं तो टोल लेना पूरी तरह अनुचित है।

नीति बदलाव की उठी मांग

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि
जब तक सड़क पूरी तरह मानक गुणवत्ता की नहीं बनती, तब तक टोल वसूली पर रोक लगाई जाए।

संसद में मुद्दा उठने के बाद उम्मीद की जा रही है कि केंद्र सरकार अधूरी व खराब सड़कों पर टोल वसूली को लेकर कोई स्पष्ट, सख्त और न्यायपूर्ण नीति बनाएगी।

 

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