जल संचय अभियान के तहत ऊमर नदी में बोरी बंधान किया गया
जन अभियान परिषद व नवांकुर संस्थाओं की सहभागिता से 83 बोरियों का निर्माण

गाडरवारा। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखण्ड चीचली के अंतर्गत जल संचय अभियान के तहत सेक्टर उकासघाट में ग्राम उकासघाट स्थित ऊमर नदी में बोरी बंधान का कार्य किया गया। यह कार्य नवांकुर संस्था, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति उकासघाट एवं मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
83 बोरियों का किया गया बंधान
इस अभियान के अंतर्गत ऊमर नदी में 83 बोरियों का बंधान बनाया गया। यह कार्य मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित “जल संचय अभियान (15 से 31 दिसंबर 2025)” के तहत किया गया है।
जल संरक्षण व किसानों को लाभ पहुंचाना उद्देश्य
इस बोरी बंधान का मुख्य उद्देश्य बहते हुए जल को रोककर ग्रीष्मकाल में पशु-पक्षियों एवं मनुष्यों के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, साथ ही भूमिगत जल स्तर में वृद्धि करना है।
इसके अतिरिक्त बंधान क्षेत्र के आसपास के किसानों को कृषि सिंचाई हेतु पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा, जिससे सिंचित क्षेत्र में वृद्धि, किसानों की आय में बढ़ोतरी तथा सब्जी एवं तरबूज जैसी फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।
जनप्रतिनिधि, समाजसेवी व विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता
इस जल संचय अभियान में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की विकासखण्ड समन्वयक सुश्री स्मिता दांडे, कवि व समाजसेवी पुरुत्तम मुक्तयार, नवांकुर संस्था हरदौल जन सेवा समिति बसुरिया के अध्यक्ष रामकृष्ण राजपूत एवं सचिव रामेश्वर वर्मा उपस्थित रहे।
इसके साथ ही नवांकुर संस्था ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति भमका की अध्यक्ष श्रीमती नीरू राजपूत, स्वप्निल बड़ारया, पाठ्यक्रम की परामर्शदाता कुमारी ईशा राजपूत, कुमारी राधा कीर, छात्र-छात्राएं एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
जल संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर बल दिया। बोरी बंधान जैसे छोटे लेकिन प्रभावी उपायों से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट से निपटने में बड़ी सहायता मिल सकती है।







