जबलपुर में भाजपा महिला नेत्री का कथित वीडियो वायरल, तीन हत्याओं के दावे से सियासी हलचल
जबलपुर में भाजपा महिला नेत्री शिखा शर्मा का कथित वीडियो वायरल, जिसमें तीन हत्याओं का दावा किया गया है। मुख्यमंत्री का काफिला रोकने से शुरू हुआ विवाद अब सियासी और प्रशासनिक संकट में बदलता दिख रहा है।

जबलपुर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार में लगातार सामने आ रही विवादित बयानबाजी अब सत्ताधारी दल के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। ताजा मामला जबलपुर से सामने आया है, जहां भाजपा की एक महिला नेत्री से जुड़ा कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। वीडियो में किए गए दावों ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि सत्ताधारी दल की आंतरिक अनुशासन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीएम का काफिला रोकने से शुरू हुआ विवाद
भाजपा महिला नेत्री शिखा शर्मा और उनके पति के.के. शर्मा उस समय सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने मदन महल क्षेत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला रोक दिया था। इस दौरान शिखा शर्मा ने मदन महल पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा था कि पुलिस ने एक दुकान मालिक से साठगांठ कर जबरन दुकान खाली करवाई है। मुख्यमंत्री का काफिला रोकने की यह घटना तेजी से राजनीतिक मुद्दा बन गई।
दुकान मालिक के आरोप, प्रशासन की भूमिका पर सवाल
दूसरी ओर, दुकान मालिक रवि पटेल का कहना है कि दुकान एग्रीमेंट के आधार पर किराए पर दी गई थी, लेकिन शिखा शर्मा न तो नियमित किराया दे रही थीं और न ही दुकान खाली कर रही थीं। रवि पटेल ने मदन महल थाना और तहसीलदार कार्यालय में लिखित शिकायतें भी दी थीं। आरोप है कि राजनीतिक रसूख के चलते समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई मुश्किलें
मामले में सबसे सनसनीखेज मोड़ तब आया, जब शिखा शर्मा का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में वह स्वयं तीन-तीन हत्या करने का दावा करती नजर आ रही हैं। वीडियो में दो पुलिस अधिकारियों के नाम लिए जाने की भी चर्चाएं हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इसके वायरल होते ही शहरभर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सत्ताधारी दल की साख पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने सत्ताधारी दल की छवि और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि राजनीतिक रसूख रखने वाले लोग इस तरह के बयान देते हैं, तो आम जनता का भरोसा व्यवस्था पर कैसे बना रहेगा। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है।
अधिकारियों और पार्टी का बयान
सीएसपी कोतवाली रितेश कुमार शिव ने बताया कि वर्तमान में शिखा शर्मा भाजपा महिला मोर्चा के किसी भी पद पर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो की जानकारी उन्हें नहीं है और वीडियो देखने के बाद ही कोई टिप्पणी की जा सकती है।
वहीं भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी पराजंपे ने कहा कि सोशल मीडिया में वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।







