बीजादेही पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप: रिश्तेदारों के खातों में डाली गई सरकारी राशि, 3 लाख का सेग्रीगेशन शेड दो साल से अधूरा
शाहपुर जनपद की बीजादेही पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत की राशि रिश्तेदारों के खातों में डाली गई और 3 लाख रुपये का सेग्रीगेशन शेड दो साल बाद भी अधूरा पड़ा है।

संवाददाता शैलेंद्र गुप्ता शाहपुर
शाहपुर। जनपद पंचायत शाहपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बीजादेही में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने पंचायत के उपसरपंच और रोजगार सहायक पर अपने ही रिश्तेदारों के खातों में पंचायत की राशि डलवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही लाखों रुपये की लागत से स्वीकृत निर्माण कार्य दो साल बाद भी अधूरा पड़ा होने से पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
रिश्तेदारों के खातों में डाली गई पंचायत की राशि
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में सरकारी नियमों की अनदेखी करते हुए पदाधिकारियों द्वारा अपने ही परिवार के सदस्यों के नाम से भुगतान कराया गया। बताया जा रहा है कि सेग्रीगेशन शेड निर्माण कार्य के दौरान उपसरपंच ने अपने ससुर बस्तीराम यादव के नाम करीब 7 हजार रुपये की राशि उनके बैंक खाते में डलवा दी।
इसी तरह पंचायत के रोजगार सहायक द्वारा अपने पिता मल्लू यादव के नाम लगभग 7 हजार 500 रुपये की राशि पंचायत से उनके खाते में डलवाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी नियमों के अनुसार पंचायत से जुड़े पदाधिकारियों द्वारा अपने रिश्तेदारों के खातों में इस प्रकार भुगतान कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
3 लाख का सेग्रीगेशन शेड दो साल से अधूरा
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2022-23 में पंचायत में लगभग 3 लाख 4 हजार रुपये की लागत से सेग्रीगेशन शेड निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था। लेकिन दो साल बीत जाने के बावजूद यह निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब निर्माण कार्य के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है, तो कार्य अधूरा क्यों पड़ा है और अब तक राशि कहां खर्च की गई, इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बचते नजर आ रहे हैं। इससे विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई है।
सफेदपोश संरक्षण के भी आरोप
कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पंचायत में सामने आ रहे इन मामलों के बावजूद जनपद स्तर का एक प्रभावशाली नेता सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक को संरक्षण दे रहा है। इसी कारण शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
जांच नहीं हुई तो जिला प्रशासन से करेंगे शिकायत
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो वे जिला प्रशासन से शिकायत कर मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएंगे।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या फिर बीजादेही पंचायत का यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।







