11 साल बाद इटारसी पुलिस ने अपहृत बालक को ढूंढ निकाला; थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला की पुलिसिंग की सराहना
इटारसी थाना पुलिस ने 11 साल पुराने अपहरण मामले में बड़ी सफलता हासिल की। अपहृत बालक को ढूंढकर परिजनों को सौंपा गया। थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला और टीम की पुलिसिंग की सराहना।

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
इटारसी।
इटारसी थाना पुलिस ने 11 साल पुराने एक अपहरण के मामले को सुलझाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने वर्ष 2015 से लापता एक बालक को ढूंढ निकाला और उसे सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया। यह मामला अपराध क्रमांक 91/2015, धारा 363 (अपहरण) के तहत दर्ज था, जिसमें अमित पिता परमल राजपूत, निवासी छिंदवाड़ा, उम्र लगभग 14 वर्ष, 2 फरवरी 2015 को सेजीवोदय संस्था से लापता हो गया था।
11 वर्षों से परिजन अपने बेटे की तलाश में थे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल रहा था। अब इटारसी पुलिस की कड़ी मेहनत और लगातार प्रयासों के बाद यह मामला सुलझ सका।
पुलिस टीम की सतत कोशिशें रंग लाई
बालक का पता लगाने के लिए इटारसी पुलिस ने बीते कई वर्षों से लगातार प्रयास जारी रखे।
एसआई शिवनाथ यादव और आरक्षक राजेश पवार ने मेहनत और लगन के साथ इस केस की पड़ताल जारी रखी।
आखिरकार, 30 नवंबर 2025 को पुलिस को सफलता मिली और बालक को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों को सौंप दिया गया।
यह उपलब्धि पुलिस टीम की प्रतिबद्धता, धैर्य और ईमानदारी का प्रमाण है।
थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला की नेतृत्व क्षमता सराहनीय
इस सफलता में थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला की भूमिका को विशेष रूप से सराहा जा रहा है।
इटारसी में पदस्थ होने के बाद से ही वे अपनी कार्यशैली, कुशल नेतृत्व और प्रभावी पुलिसिंग के लिए पहचाने जाते हैं।
उन्होंने न केवल कई जटिल मामलों को सुलझाया है, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी प्रभावी कदम उठाए हैं।
उनकी नेतृत्व क्षमता ने यह सुनिश्चित किया कि—
- पुराना से पुराना मामला भी अनसुलझा न रहे
- हर पीड़ित को न्याय मिले
- अपराधियों को सज़ा दिलाने में कोई ढिलाई न बरती जाए
11 साल बाद मिला न्याय — एक बड़ी मिसाल
इटारसी पुलिस ने यह साबित कर दिया है कि न्याय की कोई समय सीमा नहीं होती।
भले ही मामला पुराना क्यों न हो, पुलिस की मेहनत से उसे सुलझाया जा सकता है।
यह कार्रवाई पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि—
“अपराधियों के लिए कोई राहत नहीं और पीड़ितों के लिए पूरा न्याय।”
समाज और पुलिस का सहयोग बेहद जरूरी
यह सफलता पुलिस और समाज के बीच समन्वय का परिणाम भी है।
ऐसे मामलों में नागरिकों का सहयोग पुलिस जांच को आसान बनाता है।
इटारसी पुलिस ने भी संदेश दिया है कि—
यदि समाज सजग रहे और समय पर जानकारी साझा करे, तो अपराध नियंत्रण और न्याय दोनों संभव हैं।
इटारसी पुलिस की शानदार उपलब्धि
थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला और उनकी टीम की यह उपलब्धि न केवल विभाग के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश भी देती है।
यह उदाहरण है कि—
जब पुलिस अपने कर्तव्य के प्रति पूर्ण समर्पण से काम करे, तो कोई भी मामला असंभव नहीं रहता।







