छोटे-छोटे बच्चों का फूटा गुस्सा: सड़क के लिए SDM कार्यालय पहुंचे ग्रामीण, 10 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
गाडरवारा के बारहा बड़ा क्षेत्र में सड़क न बनने से परेशान बच्चे और ग्रामीण SDM कार्यालय पहुंचे, 10 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।

गाडरवारा। बारहा बड़ा क्षेत्र में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव को लेकर अब छोटे-छोटे स्कूली बच्चों का भी गुस्सा सामने आ गया है। मध्य प्रदेश किसान सभा के नेतृत्व में वार्ड क्रमांक 4 और 5 के नाबालिग छात्र-छात्राएं, ग्रामीणों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और सड़क निर्माण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
आजादी के बाद भी नहीं बनी सड़क
ग्रामीणों का आरोप है कि आजादी के बाद से अब तक क्षेत्र में सड़क का निर्माण नहीं हुआ है।
पेट्रोल पंप बारहा बड़ा रोड से लेकर ऊमर नदी तक और कनछेदी कुशवाहा के घर से प्रकाश होरी के मकान तक का रास्ता पूरी तरह कच्चा और नीचा है।
बरसात में यह रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है, जबकि गर्मी के दिनों में भी खेतों का पानी भर जाने से हालात बदतर बने रहते हैं।
बच्चों, मरीजों और अंतिम यात्रा तक में परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि इस रास्ते से—
- छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाने के लिए संघर्ष करते हैं
- गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो जाता है
- यहां तक कि अंतिम यात्रा (शव ले जाना) भी बेहद कठिन हो जाता है
करीब 40 परिवार इस समस्या से वर्षों से जूझ रहे हैं और “नरक जैसी जिंदगी” जीने को मजबूर हैं।
कई बार की शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों के अनुसार, 19 सितंबर 2023 को भी एसडीएम के नाम आवेदन दिया गया था।
इसके अलावा जनप्रतिनिधियों और सरपंच से भी कई बार मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अन्य समस्याएं भी बनी हुई हैं
ग्रामीणों ने सड़क के साथ-साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी मांग की है—
- अटल ज्योति योजना के तहत ट्रांसफार्मर
- पेयजल के लिए पाइपलाइन
- ऊमर नदी पर पुल/रिपटा निर्माण
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण
10 दिन का अल्टीमेटम, नहीं तो उग्र आंदोलन
किसान सभा और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर सड़क निर्माण शुरू नहीं किया गया तो—
- धरना प्रदर्शन
- पुतला दहन
- आमरण अनशन
जैसे उग्र आंदोलन किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
SDM को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्र-छात्राएं और सैकड़ों ग्रामीण किसान सभा के झंडे के साथ नारेबाजी करते हुए पहुंचे और एसडीएम कलावती व्यारे को ज्ञापन सौंपा।







