“मदीने वाले से मेरा सलाम कहना…” नारों के बीच उमराह यात्रियों को भावभीनी विदाई, गाडरवारा स्टेशन पर उमड़ा जनसैलाब
गाडरवारा रेलवे स्टेशन पर “मदीने वाले से मेरा सलाम कहना” के नारों के बीच उमराह यात्रियों को भावभीनी विदाई दी गई। रमजान माह में गरीब रथ एक्सप्रेस से मक्का-मदीना रवाना हुए यात्री।

गाडरवारा। “अल मदीना चल मदीना… आज नहीं तो कल मदीना” और “मदीने वाले से मेरा सलाम कहना” के नारों से सोमवार को रेलवे स्टेशन गुंजायमान हो उठा, जब जगदीश वार्ड निवासी सत्तार खान के पिता जरदार खान और उनकी माता मुमताज बी पवित्र रमजान माह में उमराह अदा करने के लिए रवाना हुए।
उमराह यात्रियों को मुस्लिम समाज द्वारा जुलूस की शक्ल में स्टेशन तक लाया गया। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर और फूलमालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया गया।
गरीब रथ एक्सप्रेस से मुंबई, फिर हवाई सफर

उमराह यात्री गरीब रथ एक्सप्रेस से मुंबई पहुंचेंगे, जहां से हवाई जहाज द्वारा मक्का-मदीना के लिए रवाना होंगे।
रमजान शरीफ के पूरे महीने वे मक्का-मदीना में इहराम बांधना, तवाफ, सई और अन्य अरकान अदा करेंगे तथा ईद के बाद स्वदेश लौटेंगे।
नात-ए-पाक और दुआओं के साथ रुख्सती
विशेष उपस्थिति में हाफिज जुबेर आलम ने सरकार मोहम्मद मुस्तफा की शान में नात पढ़कर सलाम पेश किया और वतन की तरक्की व खुशहाली की दुआएं मांगी गईं।
उपस्थित लोगों ने भावुक अंदाज में कहा—
“हाजियो मुस्तफा से कह देना, गम के मारे सलाम करते हैं।”
रमजान में उमराह का विशेष महत्व
इस्लामिक मान्यता के अनुसार उमराह साल में कभी भी किया जा सकता है, लेकिन रमजान के महीने में उमराह अदा करने का विशेष सवाब माना जाता है।
मक्का-मदीना की जियारत हर मुस्लिम के लिए सौभाग्य की बात मानी जाती है।
सभी वर्गों की रही उपस्थिति
रेलवे स्टेशन पर विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पूर्व पार्षद विकास जैन, जामा मस्जिद कमेटी अध्यक्ष अबरार खान, मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद के अब्दुल फिरोज खान, पूर्व अध्यक्ष मेंहमूद पहलवान, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष सोहेल खान, आशिक हुसैन, आशिक अली, फारूक खान, शेख सलमान, अफजल खान, फैजाने मदीना मस्जिद से मेहबूब अत्तारी, बड़ेवली लंगर कमेटी से सप्पू खान, लाईक खान, सहित अनेको लोग उपस्थित रहे ।







