मध्य प्रदेश

सालीचौका रेलवे स्टेशन पर संकट के बादल, ट्रेन स्टॉपेज बंद होने से बढ़ी परेशानी

सांसद का दो माह में ठहराव शुरू कराने का वादा अधूरा, बोहानी में सुविधा तो सालीचौका में दुविधा

अवधेश चौकसे | सालीचौका (नरसिंहपुर)।
नगर सहित लगभग 70 ग्राम पंचायतों की आवाजाही से जुड़ा सालीचौका रेलवे स्टेशन आज अपने अस्तित्व के संकट से जूझता नजर आ रहा है। कभी शटल, फास्ट पैसेंजर और अन्य यात्री ट्रेनों के नियमित स्टॉपेज से गुलजार रहने वाला यह स्टेशन अब दिनभर सूना पड़ा रहता है। प्लेटफॉर्म पर यात्री ट्रेनों की बजाय मालगाड़ियों के डिब्बे और मशीनें खड़ी दिखाई देती हैं।

दिनभर नहीं मिलती ट्रेन, हजारों यात्रियों पर असर

स्थानीय नागरिकों के अनुसार सालीचौका स्टेशन से प्रतिदिन लगभग एक हजार अप-डाउनर एवं आम यात्री आवागमन करते थे। वर्तमान में सुबह 5:30 बजे जनता एक्सप्रेस, उसके बाद जबलपुर की ओर जाने वाली मेमो, फिर सुबह लगभग 9 बजे के आसपास प्रयागराज, इटारसी और भोपाल की दिशा में कुछ ट्रेनें मिलती हैं।

इसके बाद दिनभर दोनों दिशाओं में कोई नियमित यात्री ट्रेन उपलब्ध नहीं है।

इससे कोर्ट-कचहरी जाने वाले, व्यापारी, मजदूर, कॉलेज और स्कूल के छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सांसद का वादा अधूरा?

स्थानीय लोगों का कहना है कि सांसद दर्शन सिंह ने सालीचौका दौरे के दौरान नई ट्रेन और कोरोना काल में बंद की गई शटल एवं फास्ट पैसेंजर ट्रेनों को पुनः शुरू कराने का आश्वासन दिया था। उन्होंने दो माह के भीतर ट्रेन ठहराव शुरू कराने की बात कही थी।

हालांकि डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सालीचौका में ट्रेन सुविधाओं में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जहां बोहानी और सोहागपुर जैसे स्टेशनों पर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, वहीं सालीचौका उपेक्षित बना हुआ है।

आरक्षण टिकट सुविधा भी बंद

सालीचौका स्टेशन पर पूर्व में आरक्षण टिकट विंडो संचालित होती थी, जिसका उद्घाटन पूर्व सांसदों और जनप्रतिनिधियों द्वारा कराया गया था। वर्तमान में यह सुविधा बंद है और यात्रियों को आरक्षण के लिए अन्य स्टेशनों पर जाना पड़ता है।

घंटों बंद रहता है रेलवे गेट, ओवरब्रिज का इंतजार

सालीचौका का रेलवे समपार फाटक अक्सर घंटों बंद रहता है, जिससे एंबुलेंस, स्कूल बसों और अन्य वाहनों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। दो-दो किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग जाती है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार यहां ओवरब्रिज स्वीकृत है, लेकिन निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हुआ। लोगों का सवाल है कि ओवरब्रिज निर्माण कब शुरू होगा?

जनआवाज उठाने की जरूरत

स्थानीय नागरिकों और पत्रकारों ने सोशल मीडिया व समाचार पत्रों के माध्यम से ट्रेन स्टॉपेज बहाल करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मजबूत जनआंदोलन नहीं हुआ तो धीरे-धीरे शेष सुविधाएं भी समाप्त हो सकती हैं।

नागरिकों का मानना है कि यह किसी एक व्यक्ति या दल का मुद्दा नहीं, बल्कि आम जनता के हित का प्रश्न है। हजारों लोगों की दैनिक यात्रा इस स्टेशन पर निर्भर है।

सामूहिक प्रयास की जरूरत

सालीचौका रेलवे स्टेशन की स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से एकजुट होकर ट्रेन स्टॉपेज बहाल कराने की मुहिम चलाने की अपील की है।

यदि ठोस प्रयास नहीं हुए तो क्षेत्र की जनता को लंबे समय तक यातायात संकट झेलना पड़ सकता है।

 

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