कामरेड जगदीश पटेल की धर्मपत्नी ज्योति पटेल को अंतिम लाल सलाम
सालीचौका में उमड़ा जनसैलाब, क्षेत्र में पहली बार अंतिम संस्कार में गूंजा ‘लाल सलाम’

सालीचौका (नरसिंहपुर)। कम्युनिस्ट विचारधारा के वरिष्ठ कार्यकर्ता कामरेड जगदीश पटेल की धर्मपत्नी स्वर्गीय ज्योति पटेल के निधन पर बुधवार को पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके अंतिम संस्कार के अवसर पर बड़ी संख्या में कामरेडों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं राजनीतिक-सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों ने उपस्थित होकर उन्हें अंतिम लाल सलाम अर्पित किया।
अंत्येष्टि यात्रा ग्राम पचामा स्थित निज निवास से प्रारंभ होकर श्मशान घाट तक निकाली गई। इस दौरान “कामरेड ज्योति पटेल अमर रहें” और “अंतिम लाल सलाम” के नारों के साथ पूरे गांव में शोकपूर्ण लेकिन वैचारिक प्रतिबद्धता से भरा वातावरण देखने को मिला। भारी संख्या में ग्रामीणों एवं सामाजिक जनों ने यात्रा में सहभागिता निभाई।
श्मशान घाट पहुंचने पर उपस्थित कामरेडों एवं नागरिकों ने एक स्वर में स्वर्गीय ज्योति पटेल को लाल सलाम करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में यह पहली बार है जब किसी नागरिक को अंतिम संस्कार के अवसर पर ‘लाल सलाम’ दिया गया, जिसने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
इस अवसर पर कामरेड जगदीश पटेल की सुपुत्री जागृति पटेल, जो वर्तमान में दिल्ली में अध्ययनरत हैं, भी मां के अंतिम संस्कार में शामिल हुईं। उपस्थित जनसमूह ने परिवार को ढांढस बंधाया और इस दुखद घड़ी में एकजुटता का परिचय दिया।
अंतिम संस्कार में शामिल लोगों ने कहा कि स्वर्गीय ज्योति पटेल का जीवन सादगी, संघर्ष और वैचारिक प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है, जिसे क्षेत्र लंबे समय तक स्मरण रखेगा।







