धर्म

केवल मानव देह में ही बिगड़ी बन सकती है – सुश्री धामेश्वरी देवी

गाडरवारा में 11 दिवसीय आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का शुभारंभ

गाडरवारा।
जगद्गुरुत्तम श्री कृपालु जी महाराज की प्रमुख एवं वरिष्ठ प्रचारिका भक्तिमति श्रद्धेय सुश्री धामेश्वरी देवी जी की 11 दिवसीय आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का शुभारंभ गाडरवारा नगर में किया गया। यह प्रवचन श्रृंखला 3 जनवरी से प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित की जा रही है।

आध्यात्मिक कल्याण की दृष्टि से यह प्रवचन श्रृंखला अत्यंत अमूल्य, दुर्लभ एवं वेद-शास्त्र सम्मत बताई जा रही है। आज के भागदौड़ और मानसिक अशांति से भरे युग में ऐसा अवसर विरले ही प्राप्त होता है, जब किसी महापुरुष के माध्यम से वेदों और शास्त्रों के सार रूप ज्ञान को सुनने और जीवन की आध्यात्मिक शंकाओं का समाधान पाने का सौभाग्य मिलता है।

मानव देह ही है परम सौभाग्य

प्रवचन के प्रथम दिवस सुश्री धामेश्वरी देवी जी ने वेदों एवं शास्त्रों के प्रमाणों के साथ बताया कि 84 लाख योनियों में केवल मनुष्य देह ही सर्वश्रेष्ठ है, क्योंकि इसी मानव शरीर में भगवान की प्राप्ति कर जीवन की बिगड़ी बनाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि मानव देह ज्ञान प्रधान है। भगवान ने मनुष्य को ज्ञान शक्ति के साथ-साथ इंद्रिय, मन और बुद्धि के माध्यम से कर्म करने की क्षमता प्रदान की है, जिससे आत्मा, परमात्मा और ईश्वर तत्व को जाना जा सकता है।

कर्म का अधिकार केवल मनुष्य को

देवी जी ने स्पष्ट किया कि कर्म करने का अधिकार केवल मनुष्य देह को ही प्राप्त है। अन्य सभी योनियां भोग योनियां हैं। यदि मनुष्य जन्म पाकर भी ईश्वर रूपी आनंद की प्राप्ति नहीं की गई, तो पुनः 84 लाख योनियों में भटकना पड़ता है।
मनुष्य देह इतनी दुर्लभ है कि स्वर्ग के देवता भी इसे पाने की इच्छा रखते हैं, क्योंकि कर्म द्वारा अपनी दशा सुधारने का अवसर केवल मानव जीवन में ही संभव है।

मानव देह क्षणभंगुर, साधना आवश्यक

उन्होंने यह भी कहा कि मानव देह में एक बड़ी कमी यह है कि यह क्षणभंगुर है और कभी भी छिन सकती है। इसलिए मानव जीवन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए किसी महापुरुष के मार्गदर्शन में ज्ञान प्राप्त कर हरि मिलन की साधना करना परम आवश्यक है

आरती के साथ प्रवचन का समापन

प्रवचन के अंत में श्री युगल सरकार की भव्य आरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तगणों ने भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। आयोजकों ने बताया कि यह प्रवचन श्रृंखला धारावाहिक है, अतः प्रतिदिन प्रवचन सुनना भक्तों के लिए अत्यंत आवश्यक और लाभकारी होगा।

 

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