नरसिंहपुर में दिल दहला देने वाला मामला: दहेज की प्रताड़ना से मां और 3 साल की मासूम की संदिग्ध मौत, हत्या या आत्महत्या?
करेली के कोदसा गांव में मां-बेटी की मौत से सनसनी, गले पर चोट के निशान, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

करेली। नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र अंतर्गत कोदसा गांव से एक बेहद हृदयविदारक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीती शाम एक विवाहिता महिला मुस्कान पटेल और उसकी 3 साल की मासूम बेटी यशस्वी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जिस उम्र में मासूम को मां की गोद में लोरी सुननी थी, उसी मां के साथ उसकी भी सांसें थम गईं।
मां और बेटी दोनों के गले पर चोट के निशान मिलने से मामला और अधिक संदिग्ध हो गया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
चार साल पहले आई थी खुशियों के सपने लेकर, आज वही घर बना मौत का गवाह
मृतिका मुस्कान की शादी करीब चार वर्ष पहले कोदसा गांव में हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा लगातार दहेज की मांग की जा रही थी। 5 लाख, 10 लाख रुपये और कार की मांग को लेकर मुस्कान को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
परिजनों का कहना है कि एक बार आर्थिक मदद भी की गई, लेकिन मांगें लगातार बढ़ती रहीं। जब मांग पूरी नहीं हुई तो मुस्कान और उसकी मासूम बेटी को जान से मार दिया गया।
परिजनों का आरोप: “मेरी बहन और भांजी की हत्या की गई”
मृतिका की बहन और पिता ने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। उनका कहना है कि यदि फांसी लगाई गई होती तो गले पर निशान मोटे होते, जबकि निशान बेहद पतले पाए गए हैं।
परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि:
- शव को नीचे किसने उतारा?
- मोबाइल फोन दूसरे कमरे से क्यों मिला?
- गेट खुला हुआ क्यों था?
इन तमाम सवालों ने पुलिस की प्रारंभिक आत्महत्या की थ्योरी पर संदेह खड़ा कर दिया है।
पुलिस का पक्ष: पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा
करेली थाना पुलिस ने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर जांच की गई। प्रारंभिक तौर पर मामला प्रताड़ना के चलते आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस के अनुसार, बच्ची की मौत फांसी से हुई या किसी अन्य कारण से—इसका खुलासा पीएम रिपोर्ट में होगा। सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
हत्या या आत्महत्या? कई सवाल अब भी अनसुलझे
- दहेज की मांग वर्षों से क्यों चल रही थी?
- मां के साथ मासूम बच्ची की मौत कैसे हुई?
- क्या ससुराल पक्ष ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की?
इन सवालों ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है।
निष्कर्ष
यह मामला न केवल दहेज प्रताड़ना की भयावह तस्वीर पेश करता है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि आखिर कब तक मासूम जिंदगियां लालच की भेंट चढ़ती रहेंगी। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।







