समापन के बाद भी जारी बाबा मनसुखदास मेला, सुरक्षा व्यवस्था नदारद; जिम्मेदारी तय करने से बचता दिखा प्रशासन
शाहपुर में बाबा मनसुखदास मेला समापन के बाद भी जारी, सुरक्षा व्यवस्था नदारद, प्रशासन की लापरवाही से दुर्घटना का खतरा, एसपी ने दिए जांच के निर्देश।

शाहपुर | संवाददाता शैलेंद्र गुप्ता
शाहपुर स्थित बाबा मनसुखदास मेला, जिसका आधिकारिक समापन 18 जनवरी 2026 को हो चुका है, उसके बावजूद अब भी यथावत संचालित पाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि समापन के बाद न तो मेला स्थल से विद्युत कनेक्शन हटाए गए हैं और न ही पुलिस प्रशासन की कोई सुरक्षा व्यवस्था मौके पर नजर आ रही है।
समापन के बाद भी झूले और दुकानें चालू
मेला प्रांगण में झूले, अस्थायी दुकानें और बाहर से आए व्यापारियों की गतिविधियां लगातार जारी हैं। जानकारी के अनुसार, कई दुकानदार बिना अनुमति के मेला क्षेत्र में व्यवसाय कर रहे हैं। सोमवार को मेले में भारी भीड़ उमड़ने से किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन जिम्मेदारी से बचता नजर आया
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मेला समाप्ति की तिथि निकल जाने के बावजूद इसके संचालन को लेकर कोई भी विभाग जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि—
- समापन के बाद मेला किसके संरक्षण में चल रहा है?
- किसी दुर्घटना या भगदड़ की स्थिति में जवाबदेही किसकी होगी?
अधिकारियों के अलग-अलग बयान
मामले में प्रशासनिक अधिकारियों के बयान भी आपस में विरोधाभासी नजर आए—
- सीएमओ शाहपुर से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
- विद्युत विभाग के एई ए.के. गुप्ता ने कहा—“शाहपुर मेला 18 जनवरी 2026 को समाप्त हो चुका है। मेला स्थल से बिजली आपूर्ति हटाने की प्रक्रिया की जा रही है।”
- टीआई शाहपुर ने स्पष्ट कहा—“18 जनवरी को मेला समाप्त हो चुका है, ऐसे में मेले में किसी प्रकार की पुलिस सुरक्षा तैनात नहीं की जा सकती।”
एसपी ने दिए जांच के निर्देश
मामले पर एसपी बैतूल वीरेंद्र जैन ने कहा—
“मेले का समापन 18 तारीख को होना था, लेकिन आज भी मेला संचालित होने की जानकारी मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।”
मेला अवधि बढ़ाने की घोषणा पर सवाल
मामला सामने आने के बाद नगर परिषद अध्यक्ष रोहित विक्की नायक द्वारा शाम 6:15 बजे केवल एक व्हाट्सएप ग्रुप में मेला अवधि बढ़ाने की सूचना साझा किए जाने को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मेला अवधि बढ़ाई गई थी, तो—
- इसकी विधिवत अनुमति पहले क्यों नहीं ली गई?
- लिखित आदेश और सुरक्षा व्यवस्था पहले क्यों सुनिश्चित नहीं की गई?
जांच और कार्रवाई की मांग
बिना वैध अनुमति और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के मेले का संचालन कानून-व्यवस्था और जन-सुरक्षा के लिहाज से गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि—
- मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए
- अनधिकृत रूप से संचालित मेले को तुरंत बंद कराया जाए
- विद्युत आपूर्ति और झूलों को हटाया जाए
- संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए









