संयुक्त कलेक्टर श्री बृजेन्द्र रावत द्वारा लोक सेवा केंद्र सिवनी मालवा का निरीक्षण
आवेदन प्रक्रिया, साफ-सफाई एवं नागरिक सुविधाओं को लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
नर्मदापुरम।
बुधवार को संयुक्त कलेक्टर श्री बृजेन्द्र रावत द्वारा लोक सेवा केंद्र सिवनी मालवा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोक सेवा केंद्र में प्राप्त आवेदनों की स्थिति, आरसीएमएस के अंतर्गत दर्ज आवेदनों तथा सेवावार निस्तारण प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की।
निरीक्षण के समय जिला प्रबंधक लोक सेवा श्री आनंद झेरवार द्वारा लोक सेवा केंद्र में प्राप्त सेवावार आवेदनों की जानकारी संयुक्त कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की गई। इस दौरान संबंधित सेवाओं के लिए बनाए गए रजिस्टरों की जांच की गई एवं निर्देश दिए गए कि प्रत्येक आवेदन की पावती अनिवार्य रूप से आवेदक को प्रदान की जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
संयुक्त कलेक्टर श्री रावत ने आधार पंजीयन से संबंधित निर्धारित शुल्क, आवश्यक दस्तावेजों की सूची एवं आवेदन के साथ संलग्न किए जाने वाले दस्तावेजों की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रखने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी ऑनलाइन भरे गए आवेदनों पर आवेदक के हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से लिए जाएं।
निरीक्षण के दौरान लोक सेवा केंद्र में प्रचार-प्रसार की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु टीवी को निरंतर चालू रखने तथा सेवाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त लोक सेवा केंद्र परिसर एवं शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, पेयजल, बैठक व्यवस्था, इंटरनेट, कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
संयुक्त कलेक्टर ने केंद्र में कार्यरत ऑपरेटरों को नागरिकों के साथ विनम्र, संवेदनशील एवं शालीन व्यवहार करने की हिदायत दी, ताकि लोक सेवा केंद्र आमजन के लिए वास्तव में सुविधा केंद्र के रूप में कार्य कर सके।
निरीक्षण के अवसर पर तहसीलदार सिवनी मालवा श्रीमती सुरेखा यादव, एस.एल.आर. श्री भार्गव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि संयुक्त कलेक्टर श्री बृजेन्द्र रावत इससे पूर्व सोहागपुर में एसडीएम के पद पर भी पदस्थ रह चुके हैं। अपने सरल स्वभाव, सहज कार्यशैली और जनहित के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के कारण वे आज भी सोहागपुर क्षेत्र में आम नागरिकों के बीच विशेष सम्मान के साथ याद किए जाते हैं। प्रशासनिक दायित्वों के साथ मानवीय संवेदना का ऐसा संतुलन ही उन्हें एक जनप्रिय अधिकारी के रूप में स्थापित करता है।







