मध्य प्रदेश

जमीनी हकीकत पर उतरी प्रशासनिक संवेदना, जल जीवन मिशन को मिली नई दिशा

एसडीएम सुश्री प्रियंका भलावी ने गांव-गांव जाकर नल जल योजनाओं की परखी सच्चाई, लापरवाही पर दिखाई सख्ती और व्यवस्था सुधार के दिए स्पष्ट निर्देश

संवाददाता राकेश पटेल इक्का

नर्मदापुरम (सोहागपुर)।
जनकल्याणकारी योजनाओं की सार्थकता तब सिद्ध होती है जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक निर्बाध रूप से पहुंचे। जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना की सफलता केवल फाइलों और प्रगति प्रतिवेदनों तक सीमित न रहे, इसके लिए सोहागपुर अनुविभाग में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुश्री प्रियंका भलावी ने एक अनुकरणीय पहल की। उन्होंने नल जल योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने हेतु तीन सदस्यीय टीम के साथ ग्राम छेड़का एवं हथनावड़ का स्थलीय निरीक्षण कर प्रशासनिक सक्रियता और जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत किया।

निरीक्षण नहीं, जमीनी समीक्षा और जनसंवाद

एसडीएम सुश्री प्रियंका भलावी द्वारा किया गया निरीक्षण मात्र औपचारिक प्रक्रिया नहीं था, बल्कि योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने का गंभीर प्रयास था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नल जल कनेक्शनधारकों से प्रत्यक्ष संवाद कर यह जानकारी प्राप्त की कि गांवों में पेयजल की आपूर्ति नियमित है या नहीं, समय पर पानी मिल रहा है अथवा नहीं, तथा जल कर वसूली की स्थिति क्या है। इस संवाद से ग्रामीणों की वास्तविक समस्याएं सामने आईं और योजना के संचालन में व्यावहारिक कमियों की पहचान हो सकी।

ग्राम छेड़का में सुधार के स्पष्ट निर्देश

ग्राम छेड़का में नल जल योजना आंशिक रूप से संचालित पाई गई। एसडीएम ने यहां किसी भी प्रकार की शिथिलता को स्वीकार न करते हुए ग्राम पंचायत सचिव को पंप ऑपरेटर की विधिवत नियुक्ति करने तथा योजना को नियमित एवं निर्बाध रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का वर्तमान संचालन ही नहीं, बल्कि उसकी निरंतरता भी सुनिश्चित की जाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

हथनावड़ में लापरवाही पर सख्त रुख

ग्राम हथनावड़ में नल जल योजना का विगत एक वर्ष से बंद पाया जाना प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण था। इस पर एसडीएम सुश्री प्रियंका भलावी ने कड़ा रुख अपनाते हुए ग्राम पंचायत पामली के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के प्रति उदासीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है और जिम्मेदारों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक नेतृत्व का स्पष्ट संदेश

इस निरीक्षण से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि जहां कहीं भी लापरवाही, अनदेखी या जवाबदेही का अभाव होगा, वहां प्रशासन सख्त कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। साथ ही, जहां सुधार की आवश्यकता है, वहां मार्गदर्शन और सहयोग भी दिया जाएगा। यही संतुलन एक सक्षम और आदर्श अधिकारी की पहचान होता है।

निरीक्षण भ्रमण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सोहागपुर श्री प्रबल अरजारिया, सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सोहागपुर श्री यतेंद्र छारी तथा सहायक यंत्री जनपद पंचायत सोहागपुर श्रीमती सुनीता वर्मा उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों के सहयोग से योजनाओं की तकनीकी एवं प्रशासनिक स्थिति की समीक्षा की गई, हालांकि पूरे निरीक्षण का केंद्रबिंदु जनहित और जिम्मेदारी पर आधारित नेतृत्व रहा।

जल जीवन मिशन की इन योजनाओं के निरीक्षण के माध्यम से एसडीएम सुश्री प्रियंका भलावी ने यह सिद्ध किया कि यदि प्रशासनिक अधिकारी संवेदनशीलता, सक्रियता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें, तो योजनाएं कागजों से निकलकर वास्तविक रूप में जनता तक पहुंच सकती हैं।
सोहागपुर क्षेत्र में यह निरीक्षण प्रशासनिक प्रतिबद्धता और जनसेवा की एक सशक्त मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

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