गाडरवारा में विश्नोई समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा, प्रकृति प्रेम और शाकाहार का दिया संदेश
गाडरवारा में पौष अमावस्या पर विश्नोई समाज ने गुरु जंभेश्वर महाराज की भव्य शोभायात्रा निकाली। गुलाबी-सफेद वस्त्रों में प्रकृति संरक्षण और शाकाहार का दिया संदेश।

गाडरवारा।
पौष अमावस्या के पावन अवसर पर स्थानीय विश्नोई समाज कार्यकारिणी समिति द्वारा गुरु जंभेश्वर महाराज जी की भव्य शोभायात्रा प्रकृति संरक्षण और शाकाहार के संदेश के साथ निकाली गई। इस आयोजन में समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
सुबह मंदिर में पूजा-अर्चना और हवन

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे से 10 बजे तक विश्नोई मंदिर में गुरु जंभेश्वर महाराज जी की पूजा-अर्चना एवं हवन के साथ हुई। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर गुरुजी से समाज और प्रकृति की रक्षा का आशीर्वाद मांगा।
11 बजे शुरू हुई विशाल शोभायात्रा
पूजा-अर्चना के पश्चात सुबह 11 बजे विश्नोई मंदिर चौकी परिसर से विशाल शोभायात्रा प्रारंभ हुई। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी—
चावड़ी, महावीर भवन, शक्ति चौक, शिवालय चौक, सब्जी मंडी, पुरानी गल्ला मंडी, सराफा बाजार, झंडा चौक होते हुए पुनः चौकी विश्नोई मंदिर पहुंचकर शोभायात्रा का समापन हुआ।
गुलाबी-सफेद वस्त्रों में प्रकृति प्रेम का संदेश

शोभायात्रा में सभी महिलाएं गुलाबी वस्त्र एवं सभी पुरुष सफेद वस्त्र धारण कर अनुशासित और क्रमबद्ध रूप से शामिल हुए। सभी के हाथों में प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश लिखी तख्तियां थीं।
यात्रा के दौरान गूंजते रहे नारे—
- धरती की पुकार, पेड़ बचाओ यार
- पेड़ नहीं तो प्राण नहीं
- हरियाली ही खुशहाली है
- शाकाहार रैली की जय
- मुक्ति के लिए शाकाहार
इन नारों के साथ विश्नोई समाज के महिला-पुरुष पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ शोभायात्रा में शामिल नजर आए।
समापन पर प्रसादी का आयोजन

शोभायात्रा के समापन के बाद स्वर्णकार भवन, चौकी मोहल्ला में भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के लोगों ने एक साथ प्रसादी ग्रहण की।
समिति का सराहनीय योगदान
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में विश्नोई समाज कार्यकारिणी समिति का महत्वपूर्ण और सराहनीय योगदान रहा। नगरवासियों ने भी शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया।







