पिपरिया अधिवक्ता संघ चुनाव–2025 में अध्यक्ष पद के लिए वकीलों की पहली पसंद बनते नागवंशी
अनुभव की विश्वसनीयता और सेवा की ताकत—धर्मेन्द्र सिंह नागवंशी

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
पिपरिया। कचहरी परिसर में जब किसी अधिवक्ता का नाम केवल पेशेवर पहचान तक सीमित न रहकर भरोसे और सम्मान का पर्याय बन जाए, तो वह नेतृत्व की स्वाभाविक दावेदारी का संकेत देता है। पिपरिया अधिवक्ता संघ चुनाव–2025 में एडवोकेट धर्मेन्द्र सिंह नागवंशी ठीक उसी श्रेणी में आते नज़र आ रहे हैं, जहाँ अनुभव, व्यवहार और सेवा भाव एक साथ दिखाई देते हैं।
वर्षों की वकालत के दौरान धर्मेन्द्र सिंह नागवंशी ने कानून के हर महत्वपूर्ण पक्ष पर गहरी पकड़ बनाई है। दीवानी, फौजदारी और व्यवहारिक मामलों में उनकी समझ उन्हें एक संपूर्ण अधिवक्ता के रूप में स्थापित करती है। उनकी पहचान एक ऐसे वकील की रही है, जो केवल बहस तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मुवक्किल की समस्या को जड़ से समझकर समाधान की दिशा तय करता है।
उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह मानी जाती है कि वे समय और सुविधा की परवाह किए बिना जरूरतमंद के साथ खड़े रहते हैं। दिन हो या देर रात, कचहरी हो या उससे बाहर—उनकी उपलब्धता और संवेदनशीलता ने उन्हें वकील समुदाय और आमजन दोनों के बीच विशेष स्थान दिलाया है। यही कारण है कि वरिष्ठ अधिवक्ता उनके अनुभव और संतुलित दृष्टिकोण की सराहना करते हैं, जबकि युवा अधिवक्ता उन्हें मार्गदर्शन और प्रेरणा के स्रोत के रूप में देखते हैं।
धर्मेन्द्र सिंह नागवंशी का मानना है कि अधिवक्ता संघ केवल एक औपचारिक संस्था नहीं, बल्कि वकीलों के अधिकारों, गरिमा और सामूहिक प्रगति का मंच होना चाहिए। यदि उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलती है, तो संगठन में कार्यसंस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करने, आपसी समन्वय बढ़ाने और अधिवक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने की दिशा में ठोस पहल देखने को मिल सकती है।
कचहरी में इन दिनों यह चर्चा आम है कि धर्मेन्द्र सिंह नागवंशी का नेतृत्व अधिवक्ता संघ को स्थिरता के साथ नई ऊर्जा भी प्रदान कर सकता है। अनुभव की परिपक्वता, व्यवहार की शालीनता और सेवा की निरंतरता—ये सभी गुण उन्हें अध्यक्ष पद के लिए एक सशक्त और सर्वमान्य विकल्प के रूप में स्थापित करते हैं।







