
नई दिल्ली। देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस आज राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में केंद्र सरकार और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ एक विशाल ‘महाशक्ति प्रदर्शन’ करने जा रही है। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को “वोट चोरी” और “लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश” के खिलाफ जनता को जागरूक करने का बड़ा अभियान बताया है।
कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं और सरकार व चुनाव आयोग की कथित मिलीभगत से लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ों को कमजोर किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि यह प्रदर्शन लोकतंत्र की रक्षा के लिए निर्णायक मोड़ साबित होगा।
गांधी परिवार की मौजूदगी से होगा शक्ति प्रदर्शन
इस बड़े प्रदर्शन में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी इसे और प्रभावशाली बनाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी रैली को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर तीखे हमले करेंगे।
इसके साथ ही कांग्रेस शासित राज्यों के तीन मुख्यमंत्री, एक उपमुख्यमंत्री, पार्टी के सभी सांसद, वरिष्ठ नेता और संगठन के पदाधिकारी भी प्रदर्शन में शामिल होंगे।
इंदिरा भवन से रामलीला मैदान तक मार्च
रैली से पहले कांग्रेस के सभी बड़े नेता और सांसद पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में एकत्र होंगे। यहां रणनीतिक चर्चा के बाद नेता एकजुटता का संदेश देते हुए रामलीला मैदान तक मार्च करेंगे।
कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट है—कथित वोटर लिस्ट में हेरफेर और चुनाव प्रणाली में अविश्वास जैसे मुद्दों को संसद की दीवारों से बाहर निकालकर सीधे आम जनता तक पहुंचाना।
पार्टी का दावा है कि यह प्रदर्शन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है, जिसमें देशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे।







