मध्य प्रदेशराजनीति

भोपाल युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नया विवाद: महिलाओं ने कार्यकारी अध्यक्ष अमित खत्री पर लगाया रेप का आरोप, कांग्रेस कार्यालय में हंगामा

भोपाल युवा कांग्रेस में बड़ा विवाद। महिलाओं ने नए कार्यकारी अध्यक्ष अमित खत्री पर रेप का आरोप लगाकर कांग्रेस कार्यालय में प्रदर्शन किया। पार्टी में बढ़ी खींचतान।

भोपाल। भोपाल शहरी युवा कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद मामला अब गंभीर विवाद में बदल गया है। नेशनल यूथ कांग्रेस द्वारा शुक्रवार को नया कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के 24 घंटे के भीतर ही शनिवार को महिलाओं ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नव नियुक्त अध्यक्ष अमित खत्री पर रेप और शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए और तत्काल कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस कार्यालय के बाहर हंगामा, राहुल गांधी के नाम पर लगाए नारे

महिलाएं कांग्रेस कार्यालय के बाहर राहुल गांधी के नाम वाले पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचीं और नारेबाजी करते हुए कहा कि उन्हें “खत्री से बचाया जाए।”
काफी देर तक परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति सामान्य की।

जांच रिपोर्ट पर हटाए गए थे अंकित दुबे

इससे पहले नेशनल यूथ कांग्रेस ने शुक्रवार देर शाम अंकित दुबे को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया था और फर्स्ट रनर-अप रहे अमित खत्री को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया।

संगठन की केंद्रीय समिति की जांच रिपोर्ट में बताया गया था कि अंकित दुबे के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं और उन्होंने इन मामलों की जानकारी पार्टी को नहीं दी। समिति ने इसे संगठनात्मक नियमों का उल्लंघन मानते हुए उन्हें पद से हटाने की सिफारिश की थी।

अमित खत्री की नियुक्ति के साथ ही विवाद तेज

खत्री के पदभार संभालते ही नया विवाद खड़ा हो गया।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि खत्री पर पहले भी यौन शोषण और दुर्व्यवहार जैसे मामले लग चुके हैं और पार्टी ने उनकी पृष्ठभूमि की ठीक से जांच किए बिना उन्हें पद दे दिया।

कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि खत्री “पद पाकर दबाव बना सकते हैं”, इसलिए उन्हें तत्काल हटाया जाए।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

  • भोपाल यूथ कांग्रेस के चुनाव में अंकित दुबे पहले स्थान पर थे।
  • अमित खत्री दूसरे स्थान पर (फर्स्ट रनर-अप) थे।
  • खत्री ने दुबे पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने आपराधिक मामलों को छिपाया, इसलिए वे पद के लिए पात्र नहीं हैं।
  • इसके बाद राष्ट्रीय समिति ने दोनों पक्षों के बयान लिए और करीब एक सप्ताह तक जांच की।
  • रिपोर्ट आने के बाद दुबे को हटाकर खत्री को अध्यक्ष पद दे दिया गया।

लेकिन खत्री की नियुक्ति के कुछ घंटों बाद ही उनके खिलाफ यौन शोषण जैसे आरोप सामने आने से पूरा मामला उलझ गया है।

युवा कांग्रेस में बढ़ सकती है अंदरूनी खींचतान

इन ताजा आरोपों के बाद युवा कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में तनाव और बढ़ सकता है।
पार्टी नेतृत्व अब संभवतः नए आरोपों की भी जांच कर सकता है, जिससे संगठन में और गुटबाजी गहराने की आशंका है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी ने इस विवाद को जल्द शांत नहीं किया तो इसका सीधा असर युवाओं के बीच कांग्रेस की छवि पर पड़ सकता है।

 

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