MP SIR Process: मध्यप्रदेश में कैसे होगा वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन, कौन-कौन से डॉक्यूमेंट लगेंगे, जानें पूरी प्रक्रिया
मध्यप्रदेश में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया 28 अक्टूबर से शुरू हो गई है। SIR के तहत 103 दिन तक चलने वाले इस अभियान में मतदाता पहचान और पते के लिए 11 जरूरी दस्तावेज लगेंगे। जानें पूरा प्रोसेस।

28 अक्टूबर से शुरू हुआ वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन अभियान
MP SIR Process। मध्यप्रदेश समेत देश के 12 राज्यों में 28 अक्टूबर से वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
चुनाव आयोग ने इसे Special Intensive Revision (SIR) नाम दिया है। यह अभियान कुल 103 दिन तक चलेगा और 7 फरवरी 2026 को इसका अंतिम चरण पूरा होगा। उसी दिन फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
मतदाता सूची को पारदर्शी सटीक बनाने की पहल
चुनाव आयोग का कहना है कि यह अभियान मतदाता सूची को सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
पिछले वर्षों में कई शिकायतें सामने आई थीं — जैसे
- नामों का दोहराव,
- मृत मतदाताओं के नाम बने रहना,
- और गलत पते दर्ज होना।
इसी को ध्यान में रखते हुए अब घर-घर जाकर सत्यापन (door-to-door verification) किया जा रहा है।
वोटर वेरिफिकेशन के लिए जरूरी दस्तावेज
वेरिफिकेशन के दौरान मतदाता को अपनी पहचान और पते की पुष्टि के लिए निम्न में से किसी एक वैध दस्तावेज को प्रस्तुत करना होगा —
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- ड्राइविंग लाइसेंस
- पासपोर्ट
- राशन कार्ड
- बिजली या पानी का बिल
- बैंक पासबुक
- सरकारी कर्मचारी का सर्विस आईडी कार्ड
- छात्र पहचान पत्र
- जन्म प्रमाण पत्र
- पोस्ट ऑफिस या सरकारी विभाग द्वारा जारी कोई वैध दस्तावेज
डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम भी शुरू
राज्य निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, इस बार हर बूथ पर डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम भी लागू किया गया है।
इस तकनीक से डुप्लीकेट नाम, गलत प्रविष्टियां या फर्जी वोटर एंट्री तुरंत पहचानी जा सकेंगी।
यह सिस्टम चुनावी डेटा को अधिक सटीक और रीयल-टाइम अपडेट करने में मदद करेगा।
मतदाताओं से सहयोग की अपील
चुनाव आयोग ने जनता से अपील की है कि वे अपने जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और वेरिफिकेशन टीम के साथ सहयोग करें।
क्योंकि आपका नाम अगर मतदाता सूची में सही नहीं है, तो आप वोट नहीं दे पाएंगे।
यह सत्यापन लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।







