7 साल के गुलामे गौस ने रखा पहला रोजा, परिवार और समाज ने की हौसला अफजाई

गाडरवारा। रमजान के पवित्र महीने में जहां मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखकर अल्लाह की इबादत में जुटे हैं, वहीं बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। शहर की मस्जिदों में रोजा इफ्तार के समय का नजारा बेहद खुशनुमा और रूहानी माहौल से भरपूर नजर आ रहा है।
रमजान के इस पाक महीने में बुजुर्ग और युवा रोजा रखकर पांच वक्त की नमाज अदा कर रहे हैं। इसी क्रम में गाडरवारा के चावड़ी वार्ड निवासी सप्पू खान के सात वर्षीय बेटे गुलामे गौस ने भी शिद्दत और उत्साह के साथ अपना पहला रोजा रखा।
कम उम्र में रोजा रखने के जज़्बे को देखकर परिवारजनों और समाज के लोगों ने गुलामे गौस की हौसला अफजाई की। पहले रोजे की खुशी में परिजनों ने उसका इस्तकबाल किया और दुआओं से नवाजा।
परिवार का कहना है कि बच्चों में धार्मिक संस्कार बचपन से ही विकसित करना जरूरी है। गुलामे गौस ने पूरे दिन सब्र और अनुशासन के साथ रोजा रखा, जिससे परिजन भी गर्व महसूस कर रहे हैं।
रमजान का महीना आपसी भाईचारे, संयम और इबादत का संदेश देता है। शहर में इन दिनों धार्मिक वातावरण देखने को मिल रहा है और रोजेदारों में विशेष उत्साह बना हुआ है।







