17 नवंबर को रुद्र मैदान गाडरवारा आयेंगे पद्मश्री कैलाश खैर, सजेगा सूफ़ी संगीत साधना का महामंच..
राष्ट्रीय वॉलीबॉल स्पर्धा के समापन में संपूर्ण कैलासा बैंड सहित विराट संगीत संध्या..

गाडरवारा। मध्यप्रदेश शासन के परिवहन व स्कूल शिक्षा मंत्री, गाडरवारा के सर्वोन्मुखी विकास के पुरौधा, संवेदनशील नेता उदय प्रताप सिंह के विशेष प्रयासों से, नित नूतन उपलब्धियों के क्रम में 13 से 17 नवंबर तक रुद्र मैदान गाडरवारा में आयोजित राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता की समापन संध्या को यादगार एवं अविस्मरणीय बनाने जय जयकारा, बम लहरी, आदियोगी, शिव शंभू, जय जय केदारा, तेरी दीवानी, अल्लाह के बंदे, सैंया, जैंसे सुर साधना के कालजई गीतों, भजनों के लिए सुप्रसिद्ध सूफी गायक, पद्मश्री कैलाश खैर का 17 नवंबर 2025 की शाम नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा शहर में स्थित रुद्र मैदान में आगमन होगा, जहां कैलाश खैर संपूर्ण कैलाशा बैंड के साथ गीत, संगीत की अद्भुत, अभिनव और अप्रतिम शाम को सजाएंगे।

आचार्य रजनीश ओशो की जागृत भूमि पर देवों के देवों महादेव की महावंदना हेतु इस अभूतपूर्व संगीत संध्या को संपूर्ण कैलाशा बैंड के साथ एक विशिष्ट ऊंचाइयां प्राप्त होगी। गत वर्ष राष्ट्रीय कबड्डी स्पर्धा के समापन में विश्व विख्यात कवि डॉ कुमार विश्वास के विराट आयोजन के बाद एक बार पुनः गाडरवारा में राष्ट्रीय वालीबॉल स्पर्धा के साथ संगीत के इस विराट महाकुंभ की व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। 17 नवंबर 2025 को रुद्र मैदान गाडरवारा में राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के समापन के उपरांत देर शाम संगीत साधना का महामंच सजेगा।
भारतीय संगीत जगत की आत्मा में समाहित कैलाश खैर की मनमोहक आवाज जिसमें लोक संगीत, पावन माटी और सूफी दर्शन का ओज समाहित है। कैलाश खैर जिन्हें कैलासा ध्वनि की पहचान मिली, अद्भुत कैलासा बैंड के साथ, उनकी सूफी धुनों की स्वर साधना में अदभुत, ऊर्जा की अनुभूति प्राप्त होती है। उनके सूफियाना अंदाज पर लोग झूमने लगते हैं।
खेल के साथ-साथ शब्द, स्वर एवं आध्यात्मिक चेतना का जागरण होगा। पद्मश्री कैलाश खैर की स्वर साधना देश की आत्मा में समाहित है। हम सभी मिलकर देवाधिदेव महादेव की वंदना की इस संध्या को अविस्मरणीय बनाएंगे-उदय प्रताप सिंह







