17 लाख खर्च, फिर भी छत गिरी! करेली के ‘संजीवनी क्लिनिक’ में बड़ा हादसा, डॉक्टर व मरीज घायल
करेली में 17.58 लाख की लागत से मरम्मत किए गए मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक की छत गिर गई। हादसे में डॉक्टर और मरीज घायल। निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल।

संवाददाता पूजा मालवीय
करेली। शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। नगर पालिका परिषद द्वारा लगभग 17.58 लाख रुपये की लागत से मरम्मत कराए गए संजीवनी क्लिनिक भवन की छत का प्लास्टर और सीलिंग अचानक भरभराकर गिर गई।
इस हादसे में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक और इलाज करा रहे एक मरीज घायल हो गए।
एक साल पहले हुआ था उद्घाटन, अब उजागर हुई गुणवत्ता?
जानकारी के अनुसार, भवन का जीर्णोद्धार कर 1 दिसंबर 2024 को इसे संजीवनी क्लिनिक के रूप में शुरू किया गया था।
महज एक वर्ष के भीतर ही छत का प्लास्टर गिर जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
क्या निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ?
क्या मरम्मत कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई?
इन सवालों ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठा दी है।
जांच के दौरान हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय चिकित्सक अपने कक्ष में एक मरीज की जांच कर रहे थे।
इसी दौरान अचानक छत का प्लास्टर और सीलिंग का हिस्सा टूटकर नीचे गिर पड़ा।
मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल मरीज घबराई अवस्था में तत्काल वहां से चला गया, जबकि मलबे की चपेट में आए चिकित्सक को गंभीर चोटें आईं।
डॉक्टर ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि संभलने का मौका ही नहीं मिला।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल
17 लाख से अधिक की राशि खर्च होने के बावजूद अगर एक वर्ष में ही भवन की स्थिति ऐसी हो जाए तो यह न केवल आर्थिक अनियमितता बल्कि जनसुरक्षा से भी खिलवाड़ माना जाएगा।
स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
संभावित जांच के बिंदु:
- निर्माण सामग्री की गुणवत्ता
- कार्य एजेंसी की जिम्मेदारी
- तकनीकी निरीक्षण की प्रक्रिया
- भुगतान से पूर्व गुणवत्ता परीक्षण







