मध्य प्रदेश

संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में निकला पथ संचलन के साथ शस्त्र पूजन कार्यक्रम संपन्न

गाडरवारा (अब्दुल फिरोज खान बबलू)। संघ स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने पर गाडरवारा नगर की झंडा चौक बस्ती के स्वयंसेवकों ने पथ संचलन निकाला, गणवेश पर सभी स्वयंसेवकों बल्लभ भवन मार्केट के परिसर में एकत्रित होकर नगर के मुख्य मार्ग का भ्रमण कर वापिस बल्लभ भवन पहुंचे,

जहां मंचीय कार्यक्रम में आज के मुख्य वक्ता डॉ प्रहलाद पटेल विभाग कार्यवाह जबलपुर एवं श्री सिद्धार्थ जैन नगर कार्यवाह द्वारा सर्वप्रथम शस्त्र पूजन किया, उसके बाद मुख्य वक्ता डॉ प्रहलाद पटेल ने अपने उद्बोधन में बताया कि किन परिस्थितियों में आज से 100 वर्ष पूर्व अश्विन शुक्ल दशमी 27 सितंबर 1925 को मोहते के बाड़े नागपुर में प पूज्य डॉ हेडगेवार जी ने संघ कार्य प्रारंभ किया, देश गुलाम था तथा हिंदुओ में निराशा थी, क्रांतिकारियों दल और राजनैतिक दल के नेतृत्व के साथ मिलकर डॉ साहब देश की आजादी के संघर्ष में लगे थे और अनेक बार जेल की सजा काटकर लौटे, भारत आगे कभी किसी का गुलाम न हो और आजादी जल्द से जल्द प्राप्त हो इसलिए जिम्मेदार राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत राष्ट्र प्रथम मानकर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को तैयार करने संघ की शाखा प्रारंभ की शुरुआत में कुछ लोगो ने उपेक्षा की, सत्ता में बैठे लोगो ने झूठे आरोप लगाकर प्रतिबंध लगाकर कुचलने का प्रयास किया परंतु सभी स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से समाज ने जैसा रखा स्वीकार कर अपने ध्येय में लगे रहे, अनेक युद्ध कश्मीर पर कबाइली हमला, 1962,1965,1971 के युद्ध में सेना का सहयोग किया जिससे 1963 के 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर संघ की गणवेश में राजपथ पर नेहरू जी के आमंत्रण पर सहभागिता कर संचलन किया, राममंदिर का आंदोलन, धारा 370 समाप्त की देश में 150000 लाख से अधिक सेवा प्रकल्प के द्वारा समाज के वंचित वर्ग को सहयोग किया जा रहा है आज समाज संघ पर श्रद्धा और विश्वास करता है, स्वतंत्रता का 75 वर्ष पर देश अमृत महोत्सव माना रहा है दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है अब समाज को भी जिम्मेदार बनाना होगा, इसलिए समाज से पांच परिवर्तन को आचरण और व्यवहार में स्वीकार करना होगा, हम सभी को नागरिक कर्तव्य बोध अर्थात नियमो का पालन, स्वदेशी अर्थात स्वभाषा,स्वभूषा, स्वभवन,स्वभोजन,स्वभ्रमण, स्वभजन को अपनाना,कुटुंब प्रबोधन परिवार रचना को ठीक करना,पर्यावरण अर्थात पानी का सद उपयोग, वृक्षारोपण पेड़ पौधा लगाना और उनकी संभाल करना तथा सामाजिक समरसता का व्यवहार करना जाति के आधार पर भेदभाव समाप्त कर सभी संगठित होकर रहना, यदि सभी भारतीय उपरोक्त पंच परिवर्तनों को अपने व्यवहार में लाए तो एक जिम्मेदार समाज बनेगा जिससे राष्ट्र मजबूत होगा, संघ शताब्दी वर्ष में अनेक कार्यक्रम करेगा जिसमे हमारी सबकी सहभागिता आवश्यक है, अंत में भारत माता की प्रार्थना के बाद कार्यक्रम समाप्त हुआ।

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