स्वास्थ्य
मात्र ₹2 की औषधि से छाती का कफ 2 मिनट में साफ़! जानें अद्भुत घरेलू उपाय
छाती में कफ या सांस लेने में तकलीफ हो तो सिर्फ ₹2 की मुलेठी आपकी मदद कर सकती है। जानिए मुलेठी से कफ दूर करने का तरीका, फायदे और सावधानियाँ।

Health Tips in Hindi: सर्दी-जुकाम या मौसम बदलते समय कई लोगों की छाती में कफ जम जाता है। इससे सांस लेने में परेशानी, भारीपन और खाँसी जैसी दिक्कतें होती हैं। अगर ध्यान न दिया जाए तो यह ब्रॉन्काइटिस या निमोनिया का रूप भी ले सकता है।
लेकिन सिर्फ ₹2–₹3 की एक सस्ती औषधि मुलेठी (जेष्ठमध) छाती का जमा हुआ कफ 2 मिनट में साफ़ कर सकती है।
छाती में कफ जमने के लक्षण
- ज़रा सा काम करने पर थकावट महसूस होना
- साँस लेते समय सीटी जैसी आवाज़ आना
- मुँह में मीठापन लगना
- चिपचिपा पसीना आना
- आलस्य और नींद आना
- भूख कम लगना
अगर ये लक्षण दिखें, तो समझ लीजिए कि शरीर में कफ बढ़ गया है।
घरेलू उपाय: मुलेठी से कफ दूर करने का तरीका
विधि 1: सीधे चबाकर खाएँ
- मुलेठी की एक छोटी काड़ी लें और चबाएँ।
- उसका रस धीरे-धीरे निगलें और एक कप गुनगुना पानी पिएँ।
- दिन में 2–3 बार ऐसा करने से छाती का कफ आसानी से निकल जाता है।
विधि 2: मुलेठी का काढ़ा बनाकर पिएँ
- 2–3 इंच मुलेठी को कुचलकर 2 कप पानी में डालें।
- उबालें जब तक पानी आधा (1 कप) न रह जाए।
- इसमें 2–3 बूँद अदरक का रस मिलाएँ।
- गुनगुना रहते ही पिएँ। बच्चों को आधा कप देना चाहिए।
- सुबह और शाम 2 दिन तक सेवन से तुरंत असर दिखता है।
फायदे
- छाती का कफ उल्टी से बाहर निकलता है या शरीर के अंदर ही जलकर नष्ट होता है।
- ऑक्सीजन लेवल 99–100% तक पहुँचता है।
- खाँसी, गला बैठना और बुखार जैसी समस्याएँ कम होती हैं।
- आवाज़ साफ़ होती है और साँस लेना आसान हो जाता है।
सावधानियाँ
- पाउडर रूप में मुलेठी न लें, उसमें मिलावट हो सकती है।
- केवल असली लकड़ी जैसी जड़ ही प्रयोग करें।
- मात्रा सीमित रखें।
- बच्चों और बुज़ुर्गों को आधी मात्रा ही दें।
निष्कर्ष
मुलेठी (जेष्ठमध) एक प्राकृतिक औषधि है जो खाँसी, कफ, गले की खराश और साँस की समस्याओं के लिए बेहद असरदार है। हर घर में इसे जरूर रखना चाहिए, क्योंकि यह न केवल छाती का कफ साफ़ करती है बल्कि फेफड़ों को भी मज़बूत बनाती है।







