महर्षि वाल्मीकि जयंती पर समरसता और एकता का संदेश — इटारसी में 18वें वर्ष भी धूमधाम से मनाई गई जयंती
इटारसी में महर्षि वाल्मीकि जयंती का 18वां वार्षिक आयोजन समरसता व एकता के संदेश के साथ संपन्न, सांसद दर्शन सिंह चौधरी रहे मुख्य अतिथि।

संवाददाता सनी लालवानी
इटारसी। महर्षि वाल्मीकि जयंती को लेकर नगर में समरसता और सामाजिक एकता का वातावरण देखने को मिला। लगातार 18वें वर्ष भी महादलित परिसंघ एवं वार्ड विकास समिति द्वारा वार्ड क्रमांक 23 में यह आयोजन भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि वाल्मीकि भगवान के तेल चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि से किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि
इस अवसर पर नरसिंहपुर-होशंगाबाद सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य मंच पर जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष प्रमोद पगारे, संस्कृत भारती जिला संयोजक संतोष व्यास, वार्ड विकास समिति अध्यक्ष राजकुमार द्विवेदी, आर.के. पांडेय, वार्ड क्रमांक 23 पार्षद सभापति राकेश जाधव और वार्ड 11 पार्षद सभापति मंजीत कलौसिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
महर्षि वाल्मीकि के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान
मुख्य वक्ता प्रमोद पगारे ने कहा —
“महर्षि वाल्मीकि कोई डाकू नहीं थे, वे सनातन हिन्दू धर्म के आदिकवि थे। उन्होंने संस्कृत में पहला महाकाव्य ‘रामायण’ रचा, जो समरसता और मानवता का प्रतीक है।”
उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जी को समझने के लिए उनके काव्य का अध्ययन आवश्यक है, क्योंकि उन्होंने विश्व को पहला संस्कृत श्लोक और पहला महाकाव्य दिया।
सनातन और समता पर संतोष व्यास का संदेश
संतोष व्यास ने कहा —
“देश की उन्नति के लिए हमें ममता से समता और समता से क्षमता की ओर बढ़ना होगा। युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।”
संविधान और रामायण दोनों जीवन के आदर्श
संदीप सोनकर ने कहा —
“जैसे महर्षि वाल्मीकि जी ने रामायण के माध्यम से आदर्शों और मूल्यों का बोध कराया, वैसे ही डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान देकर नागरिकों को अधिकार और कर्तव्यों का ज्ञान दिया। दोनों ही हमारे जीवन के दो पवित्र ग्रंथ हैं।”
सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम में श्रीमती राधा मैना ने महर्षि वाल्मीकि पर स्वरचित कविता प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में डॉ. मनीषा कण्डारे और समाजसेवी हरेराम चावरिया सहित कई अतिथियों का शाल-श्रीफल से सम्मान किया गया।
विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में संजय मैना, डॉ. नीरज जैन, अभिषेक डिगाने, राजेश अदवाल, शैलेन्द्र दुबे, विनोद बारसे, अरविंद मैना, संतोष चुटीले, गणेश चावरिया, सरला लोट, अमित मैना, सतीश पटेल, राजू सिंकदर, सी.पी. ठाकुर, विजय दुबे, संतोष शर्मा, हेमंत कपूर, विजयराव ध्रुव दोहरे सहित बड़ी संख्या में नागरिक और वार्डवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन मुकेश चंद्र मैना ने किया और आभार राजेश चिंतामन ने व्यक्त किया।







