चौमासा समिति कर रही विभिन्न आयोजन

गाडरवारा (अब्दुल फिरोज खान बबलू)। गुरु मां 105 अनंत मति माताजी के मंगल चातुर्मास के अवसर पर का श्रावकाचार की वाचना में श्री 105 सुसिद्धमति माताजी ने बताया कि समता ही सबसे बड़ा प्रतिकार है। हमें धरमपूर्वक पुरुषार्थ करना चाहिए। जिस प्रकार बीज के अभाव में पेड़ की उत्पत्ति ,वृद्धि और फल की प्राप्ति नहीं होती उसी प्रकार सम्यकत्व के अभाव में ज्ञान और चरित्र की प्राप्ति नहीं होती। श्री 105 श्री शुक्लमति माताजी ने बताया कि जिस दिन सम्यक दर्शन उत्पन्न होता है वही दिन पर्व का दिन होता है। पद की गरिमा के अनुसार हमें काम करना चाहिए ।जहां भी रहे हम अपने कर्तव्य से भूषित रहना चाहिए। नीचे रहकर ऊंचे काम करना उचित है पर ऊंचाई में रहकर नीचे के काम करना अनुचित होता है। वही ब्रह्मचारी श्री संजीव भैया जी ने अपने प्रवचन में कहा हमें प्रतिदिन पूजन और णमोकार मंत्र की जाप देने का नियम बनाना चाहिए। दीपावली के अवसर पर तीन दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है जिसमें धनतेरस में प्रातः 108 रिद्धि मंत्र द्वारा मंत्रित कलशों से श्री जी का अभिषेक किया जाएगा। तत्पश्चात प्रवचन एवं विभिन्न आयोजित कार्यक्रमों के प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण किया जाएगा। चतुर्दशी के दिन प्रातः श्री 1008 महावीर विधान का आयोजन किया जा रहा है। तत्पश्चात दीपावली के दिन प्रातः निर्वाण लाडू महोत्सव एवं मंगल प्रवचन का आयोजन आयोजन किया जावेगा।
सभी कार्यक्रम चावड़ी जैन मंदिर एवं धर्मशाला में चौमासा समिति के द्वारा किए जाएंगे।







