गुर्जर समाज में रोष: बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी में एक भी गुर्जर नेता नहीं, महासभा ने किया बहिष्कार का ऐलान
भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में गुर्जर समाज की अनदेखी पर अखिल भारतीय गुर्जर महासभा भड़की, समाज ने बहिष्कार का ऐलान किया।

भोपाल। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा हाल ही में जारी की गई नई प्रदेश कार्यकारिणी सूची ने गुर्जर समाज में गहरी नाराज़गी पैदा कर दी है। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा, मध्य प्रदेश ने इसे समाज का “अपमान” बताते हुए भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने की घोषणा की है।
गुर्जर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह पटेल ने बयान जारी करते हुए कहा कि “प्रदेश की कार्यकारिणी में पूरे मध्य प्रदेश से एक भी गुर्जर समाज के भाजपा कार्यकर्ता को शामिल नहीं किया गया, जबकि समाज ने पार्टी को हमेशा समर्थन दिया है।”
समाज का योगदान, पर प्रतिनिधित्व शून्य
गुर्जर समाज के तीन विधायक और एक मंत्री वर्तमान में भाजपा से हैं — जिनमें से तीन कांग्रेस से आए हुए हैं। महासभा का आरोप है कि “भाजपा ने कभी भी अपने संगठन में समर्पित गुर्जर कार्यकर्ताओं को मौका नहीं दिया।”
वहीं कांग्रेस पार्टी ने हमेशा समाज को उचित प्रतिनिधित्व दिया है, जहां संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष, महामंत्री और सचिव जैसे पदों पर भी गुर्जर समाज को जिम्मेदारी दी जाती रही है।
देवनारायण बोर्ड पर भी उठे सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राजस्थान की तर्ज पर “देवनारायण बोर्ड” गठित करने की घोषणा भी अब विवादों में आ गई है।
गुर्जर महासभा का कहना है कि “यह बोर्ड बिना बजट और अधिकारों के केवल चुनावी लाभ के लिए बनाया गया था। चुनाव के बाद इसे तुरंत निष्क्रिय कर दिया गया — यह समाज के साथ धोखा है।”
महासभा का ऐलान — अब नहीं सहेंगे अपमान
गुर्जर महासभा ने चेतावनी दी है कि आगामी लोकसभा, विधानसभा, नगर पालिका और पंचायत चुनावों में समाज भाजपा का बहिष्कार करेगा।
पटेल ने कहा —
“मध्य प्रदेश में गुर्जर समाज लगभग 18 से 20 लोकसभा सीटों और 100 से अधिक विधानसभा सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाता है। अगर हमारी हिस्सेदारी नहीं दी गई तो समाज भाजपा को चुनाव में कड़ा सबक सिखाएगा।”
जल्द ही सौंपा जाएगा ज्ञापन
महासभा का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मुख्यमंत्री मोहन यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा।
गुर्जर महासभा ने स्पष्ट किया कि “अब समाज संख्या के अनुपात में हिस्सेदारी चाहता है — जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी।”
अंतिम संदेश — “अब नहीं चलेगा अपमान”
गुर्जर महासभा ने कहा कि भाजपा का यह रवैया समाज के प्रति अन्यायपूर्ण है और अब पूरे प्रदेश में समाज “ईंट का जवाब पत्थर से” देगा।
“अब नहीं चलेगा अपमान, समाज एकजुट होकर जवाब देगा।”







