खुशियों भरी दिवाली: पहल स्वास्थ्य संगठन ने नर्मदापुरम के आदिवासी बच्चों को बांटे कपड़े और उपहार
नर्मदापुरम में पहल स्वास्थ्य संगठन ने आदिवासी बच्चों को कपड़े, खिलौने और मिठाइयाँ बांटीं। ‘इस दिवाली खुशियों वाली’ पहल अब प्रदेश के 29 जिलों में फैलेगी। जानिए पूरी खबर।

संवाददाता सनी लालवानी
नर्मदापुरम: दिवाली से पहले ही पहल स्वास्थ्य संगठन (Pahal Swasthya Sangathan) ने समाज के ज़रूरतमंद बच्चों के जीवन में खुशियाँ भरने की एक संवेदनशील शुरुआत की है।
18 अक्टूबर 2025 को नर्मदापुरम जिले के केसला ब्लॉक के आदिवासी क्षेत्र में संस्था द्वारा ‘इस दिवाली खुशियों वाली’ पहल के तहत बच्चों को दिवाली की आवश्यक सामग्री, कपड़े, खिलौने, मिठाई, मिट्टी के दीये और तेल वितरित किए गए।
खुशियों का उपहार — बच्चों के चेहरे खिले
इस पहल से ग्रामीण और आदिवासी बच्चों के चेहरों पर मुस्कान झलक उठी। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद अब वे भी इस त्योहार को उत्साहपूर्वक मना सकेंगे।
स्थानीय ग्रामीणों ने संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल वास्तव में “दिवाली को खुशियों वाली” बना रही है।
29 जिलों में फैलेगी पहल
संस्था संचालक राहुल बैनर्जी ने बताया —
“दिवाली खुशियों का पर्व है। हम नहीं चाहते कि कोई बच्चा आर्थिक तंगी की वजह से इस उत्सव से वंचित रहे। हमारी कोशिश है कि यह पहल मध्य प्रदेश के 29 जिलों के पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों में भी लागू हो।”
उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में यह अभियान और भी बड़े स्तर पर चलाया जाएगा, ताकि हर ज़रूरतमंद बच्चे तक यह खुशी पहुँच सके।
सेवा, शिक्षा और सशक्तिकरण का संगम
पहल स्वास्थ्य संगठन केवल राहत कार्यों तक सीमित नहीं है। संस्था स्वास्थ्य-जागरूकता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
संस्था का मुख्य उद्देश्य है — “हर उस व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना, जो समाज की मुख्यधारा से अभी भी दूर है।”
राहुल बैनर्जी ने लोगों से अपील की कि वे भी इस मुहिम से जुड़कर समाज सेवा में अपना योगदान दें।
सकारात्मक असर
संगठन की यह संवेदनशील पहल न केवल बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आई, बल्कि यह भी संदेश दे रही है कि “खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं।”
केसला ब्लॉक के बच्चों के लिए यह दिवाली वाकई “खुशियों वाली दिवाली” साबित हुई है।







