कैल्शियम कार्बाइड गन के उपयोग से स्थाई तौर से जा सकती है आंखो की रौशनी, हो सकता है दिमाग पर भी गंभीर असर

करेली (पूजा मालवीय)। दीपावली की धूम धड़ाका और आतिशबाजी को और सस्ता बनाने के लिए इस साल शहर और जिले में कैल्शियम कार्बाइड गन का प्रचलन बढ़ा हुआ है। प्लास्टिक पाइप और गैस लाइटर से बनी ये गन महज 150 से 200 रुपए में उपलब्ध है या घर पर भी बनाई जा सकती है जिसे लोगों आसान संरचना के चलते घर पर बनाया भी है। लेकिन इस सस्ती गन से लोगों की आंखों की रोशनी स्थाई रूप से जा भी सकती है, इसका कारण है इस गन में उपयोग किए जाने वाला कैल्शियम कार्बाइड, जो पानी के संपर्क में आते ही खतरनाक एसिटीलिन गैस निकलती है जो लाइटर की चिंगारी पड़ने से बिसफोट करती है जिसकी आवाज बड़े से बड़े फाटकों से भी तेज होती है।
सस्ती जुगाडू गन के उपयोग से बचें और बच्चों को इसके इस्तमाल से रोकें
इस गन के उपयोग से प्रदेश भर से दुर्घटनाओं की खबरें आ रही है। ऐसे में *जनता एक्सप्रेस अपने पाठकों से अनुरोध करता है* कि सावधान रहें, आप स्वयं और अपने आस इस गन का उपयोग होते देखें तो उनको जागरूक करें और रोकें। जिससे खुशी के प्रतीक इस पर्व की रोशनी परिवारों में बनी रहे कोई भी अपनी आंखों की रोशनी न खोए।







