किसानों पर लाठी बरसाने वाले अफसरों पर कार्यवाही हो: किसान सभा की मांग

संवाददाता अवधेश चौकसे
सालीचौका/नरसिंहपुर।
रीवा जिले की करहिया मंडी में खाद वितरण को लेकर किसानों पर हुए लाठीचार्ज की घटना ने मध्य प्रदेश में किसानों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है। घटना के विरोध में मध्य प्रदेश किसान सभा, जिला इकाई नरसिंहपुर ने कड़ी निंदा करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
किसान सभा का कहना है कि पिछले दो दिनों से मंडी में खाद लेने के लिए लाइन में लगे किसानों पर पुलिस ने बेरहमी से लाठियां बरसाईं, जिससे कई किसानों के हाथ-पैर टूट गए और दर्जनों घायल हो गए।
मंत्री के दावे बनाम जमीनी हकीकत
किसान सभा नेताओं ने सवाल उठाया कि जब कृषि मंत्री खुद कहते हैं कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है, तो फिर किसानों पर लाठी क्यों बरसाई जा रही है?
नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, रीवा सहित प्रदेशभर में किसान खाद के लिए भटक रहे हैं और लंबी कतारों में खड़े होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही।
कालाबाजारी का आरोप
रीवा के किसानों ने आरोप लगाया कि उनके आधार कार्ड और दस्तावेज पर 5 बोरी खाद बिल में चढ़ा दी जाती है, लेकिन उन्हें केवल 3 बोरी ही दी जाती है। इस घोटाले में अधिकारियों और मंडी प्रबंधन की मिलीभगत से कालाबाजारी का खेल चल रहा है।
डिप्टी सीएम के क्षेत्र पर सवाल
किसान सभा ने यह भी सवाल उठाया कि किसानों पर यह बर्बर हमला आखिरकार डिप्टी सीएम के क्षेत्र में किसकी सह पर हुआ? किसान संगठन का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिस बल पर तुरंत कठोर कार्रवाई की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
किसान सभा ने स्पष्ट कहा है कि यदि जल्द ही किसानों को आसानी से खाद उपलब्ध नहीं कराया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करेगा।







