करवा चौथ पर खुला राज: इश्क जीता… रिश्ता हारा, आंखों के सामने प्रेमी का हाथ थाम चली गई पत्नी, देखता रह गया पति
अमेठी में करवा चौथ के दिन बड़ा खुलासा — पत्नी ने पति को छोड़ प्रेमी संग रहने का फैसला किया। पुलिस की मौजूदगी में महिला प्रेमी का हाथ थामकर चली गई।

अमेठी। करवा चौथ का दिन जहां अधिकांश महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना में व्रत रखती हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में इस बार एक अजीब मोड़ देखने को मिला। इस दिन एक पत्नी ने अपने पति को ठुकरा कर प्रेमी का साथ चुन लिया। मामला थाने पहुंचा, पुलिस ने भी समझाने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार इश्क जीत गया और रिश्ता हार गया।
करवा चौथ पर खुला रिश्ते का सच
अमेठी जिले के जामो थाना क्षेत्र के टिकरा गांव में रहने वाले अमरजीत की शादी करीब पांच वर्ष पहले आरती नाम की महिला से हुई थी। अमरजीत शहर में रहकर काम करता था, जबकि उसकी पत्नी गांव में रहती थी। पति ने बताया कि तीन सालों से पत्नी का गांव के ही रिश्तेदार (चचेरा बड़ा भाई) राजेंद्र से संबंध था।
कई बार अमरजीत ने पत्नी को समझाकर अपने साथ शहर चलने को कहा, लेकिन वह नहीं मानी। आखिरकार करवा चौथ के दिन यह रिश्ता एक चौंकाने वाले मोड़ पर पहुंच गया।
पत्नी बोली — अब पति के साथ नहीं रहना
जानकारी के अनुसार, करवा चौथ के दिन शुक्रवार को अमरजीत घर पहुंचा और उसने पत्नी को मोबाइल पर किसी से बात करते देखा। जब उसने पूछताछ की तो दोनों में विवाद हो गया।
इसके बाद आरती खुद थाने पहुंची और पति पर शराब पीने और मारपीट के आरोप लगाए।
थाने में आरती ने साफ कहा —
“अब मैं अमरजीत के साथ नहीं रहना चाहती। राजेंद्र के साथ ही जीवन बिताना चाहती हूँ।”
थाने पहुंचे राजेंद्र ने भी आरती से प्रेम संबंध होने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस भी नहीं रोक सकी, प्रेमी संग चली गई पत्नी
थाना प्रभारी विनोद सिंह के अनुसार, दोनों पक्षों को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
अमरजीत ने अंततः लिखित सहमति दी कि उसकी पत्नी अपनी इच्छा से जा सकती है।
इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में आरती अपने प्रेमी राजेंद्र का हाथ थामकर चली गई।
थाना प्रभारी ने बताया —
“दोनों बालिग हैं, आपसी सहमति से अलग रहने का निर्णय लिया है। किसी ने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की मांग नहीं की।”
करवा चौथ का अनोखा किस्सा
जहां एक ओर देशभर की महिलाएं करवा चौथ पर पति की दीर्घायु के लिए व्रत रख रही थीं, वहीं अमेठी में यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
लोगों का कहना है कि इस घटना ने “करवा चौथ के रिश्ते की परिभाषा” ही बदल दी — यहां व्रत टूटा नहीं, बल्कि रिश्ता ही टूट गया।







