सालीचौका में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बनी विवाद की वजह, 24 घंटे का अल्टीमेटम दुकानदारों पर भारी
हाट बाजार के दिन नोटिस, अव्यवस्था और टकराव की आशंका

संवाददाता अवधेश चौकसे
सालीचौका (नरसिंहपुर)।
नगर परिषद सालीचौका द्वारा नगर के मुख्य बाजार, गुड़ बाजार चौराहा सहित अन्य क्षेत्रों में चल रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब विवाद का रूप लेती दिखाई दे रही है। यातायात जाम की समस्या के नाम पर प्रशासन ने सड़क के बीच से दोनों ओर 25-25 फीट क्षेत्र को अतिक्रमण घोषित करते हुए दुकानदारों को मात्र 24 घंटे का समय दे दिया है, जिससे व्यापारियों में असंतोष और नाराजगी बढ़ती जा रही है।
हालांकि नगर परिषद का कहना है कि पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन हकीकत यह है कि सैकड़ों छोटे दुकानदारों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कई दुकानदारों का आरोप है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था और पुनर्वास के इस तरह की कार्रवाई तुगलकी फरमान जैसी है।
बारहा रोड से शुरू हुई कार्रवाई, दबाव में दुकानदार
बुधवार को बारहा रोड से गजराज रोहेला के पुराने मकान तक सड़क के मध्य से नाप-जोख कर अतिक्रमण चिन्हित किया गया। मौके पर नगर परिषद और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रशासन के दबाव में कुछ दुकानदारों ने अपने टीन शेड और अस्थायी निर्माण हटाने शुरू कर दिए, लेकिन कई व्यापारियों का कहना है कि इतने कम समय में अतिक्रमण हटाना संभव नहीं है।
हाट बाजार के दिन 24 घंटे की मोहलत, अव्यवस्था तय
गौरतलब है कि गुरुवार को सालीचौका का साप्ताहिक हाट बाजार लगता है, ऐसे में मजदूरों की कमी और बाजार की भीड़ के कारण अतिक्रमण हटाना लगभग असंभव बताया जा रहा है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि हाट बाजार के दिन इस तरह का अल्टीमेटम देना प्रशासन की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। हालात ऐसे बने तो कई स्थानों पर विवाद, झड़प और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की पूरी आशंका है।
सवालों के घेरे में नगर परिषद की कार्यप्रणाली
नगरवासियों का सवाल है कि—
- क्या यातायात सुधार का बोझ केवल छोटे दुकानदारों पर ही डाला जाएगा?
- वर्षों से संचालित दुकानों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं?
- हाट बाजार जैसे व्यस्त दिन को क्यों चुना गया?
फिलहाल नगर परिषद की यह कार्रवाई समस्या के समाधान से ज्यादा नई परेशानी और असंतोष को जन्म देती नजर आ रही है।







