गाडरवारा में पोला पर्व: बच्चों ने उत्साह से चलाया घुल्ला
परंपरागत उत्सव में बैल-घोड़ों की पूजा, बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं

गाडरवारा। क्षेत्र में आज पोला पर्व पर परंपरागत ढंग से उत्सव मनाया गया। यह बुंदेलखंड का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसमें कृषि से जुड़े बैल और घोड़ों की पूजा की जाती है। दूसरे दिन उन्हें चलाने की परंपरा निभाई जाती है।
आज सुबह नगर की गलियों और मार्गों पर बच्चे लकड़ी और पीतल के बने घोड़ों (घुल्ला) के साथ उत्साहपूर्वक चलते नजर आए। नगर की कृषि उपज मंडी प्रांगण में भी बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं घुल्ला चलाने पहुंचे।
बच्चों में उत्साह, खुरमा- बतिया का आनंद
बच्चों से बातचीत में उन्होंने बताया कि वे हर साल यहां आते हैं और दोस्तों के साथ घुल्ला चलाने के साथ-साथ खुरमा- बतिया खाने का मजा भी लेते हैं।
रविवार होने के कारण इस बार बच्चों की संख्या और भी ज्यादा रही, जिससे पूरे नगर में उल्लास का माहौल छा गया।
परंपरा जीवित रखता गाडरवारा
नगरवासियों ने खुशी जताई कि गाडरवारा में हर त्योहार बड़े उत्साह और परंपरा के साथ मनाया जाता है, जबकि बड़े शहरों में धीरे-धीरे ऐसे लोक-त्योहार भुलाए जा रहे हैं।







